12,531 Families Remove Names, 900 Notified



राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र लाभार्थियों को योजना से पृथक करने के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में गिव-अप अभियान 28 फरवरी 2026 तक चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सक्षम एवं अपात्र व्यक्तियों को स्वेच्छा से योजना से

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जिला रसद अधिकारी एवं जिला उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी आलोक झरवाल ने बताया कि अभियान के तहत अब तक जिले में 12,531 परिवारों के 56,389 सदस्यों ने स्वेच्छा से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से अपने नाम हटवा लिए हैं। उन्होंने बताया कि यह संख्या लगातार बढ़ रही है और लोग जिम्मेदारी समझते हुए स्वयं आगे आकर योजना से बाहर हो रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 28 फरवरी 2026 तक यदि कोई अपात्र व्यक्ति स्वेच्छा से अपना नाम योजना से पृथक नहीं करवाता है, तो इसके बाद विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लाभार्थियों से अब तक प्राप्त किए गए खाद्यान्न की बाजार दर से वसूली की जाएगी। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग द्वारा अब तक 900 अपात्र लाभार्थियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

ये श्रेणियां होंगी योजना के लिए अपात्र

  • जिन परिवारों में कोई सदस्य आयकर दाता हो
  • जिन परिवारों का कोई सदस्य सरकारी, अर्द्धसरकारी या स्वायत्तशासी संस्था में कार्यरत हो
  • जिन परिवारों को वार्षिक एक लाख रुपए से अधिक पेंशन प्राप्त होती हो
  • जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रैक्टर एवं एक वाणिज्यिक वाहन को छोड़कर, जो आजीविका के लिए उपयोग में लिया जाता हो)

इस तरह हटवा सकते हैं योजना से नाम

योजना से नाम हटाने के लिए संबंधित व्यक्ति अपनी उचित मूल्य दुकान पर जाकर निर्धारित फॉर्म भर सकता है या फिर जिला रसद अधिकारी कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। इसके साथ यह घोषणा भी देनी होगी कि वह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लिए अयोग्य है और स्वेच्छा से योजना से बाहर हो रहा है।

इसके अलावा विभाग की वेबसाइटhttps://rrcc.rajasthan.gov.inपर जाकर भी ऑनलाइन आवेदन कर नाम हटवाया जा सकता है।

जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि जो लोग योजना के लिए पात्र नहीं हैं, वे समय रहते स्वेच्छा से अपना नाम हटवा लें, ताकि बाद में किसी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके और योजना का लाभ सही जरूरतमंदों तक पहुंच सके।



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