हरिगढ़ प्लांटेशन में लगी भीषण आग:35 हेक्टेयर एरिया प्रभावित, वन विभाग और ग्रामीणों ने 2 घंटे में पाया काबू
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झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र स्थित हरिगढ़ प्लांटेशन में बीती रात अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। इस आग से लगभग 35 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ, जिसमें सैकड़ों पौधे और वनस्पतियां जलकर नष्ट हो गईं। वन विभाग, वन सुरक्षा समितियों और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से करीब दो घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे प्लांटेशन क्षेत्र में तेजी से फैल गई। तेज हवाओं और सूखी वनस्पतियों के कारण आग पर शुरुआती दौर में काबू पाना चुनौतीपूर्ण रहा। आग की लपटों ने पौधों, घास और अन्य वनस्पतियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे चारों ओर धुएं का भयावह मंजर दिखाई दिया। सैकड़ों पौधे, वनस्पतियां जलकर खाक
इस भीषण अग्निकांड में प्लांटेशन में लगाए गए सैकड़ों पौधे, घास और अन्य वनस्पतियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। इससे न केवल पर्यावरण को भारी क्षति पहुंची है, बल्कि वर्षों की मेहनत से विकसित की गई हरियाली कुछ ही घंटों में नष्ट हो गई। आग बुझाने के अभियान में बाघेर नाका स्टाफ तत्काल मौके पर पहुंचा। वन विभाग के साथ-साथ वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति बर्डग्वालिया और लायफल के सदस्यों तथा स्थानीय ग्रामीणों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बावजूद सभी ने साहस और तत्परता के साथ मोर्चा संभाला। 2 घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू
करीब दो घंटे की लगातार मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान बाघेर नाका प्रभारी संदीप सिंह मीणा, वनरक्षक सोहनलाल मेघवाल, मोहित शर्मा, वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति लायफल अध्यक्ष गोविंद नायक, प्लांटेशन चौकीदार प्रहलाद गुर्जर, मुकेश बंजारा, राकेश बंजारा, रामनिवास नागर, पूरणमल नागर सहित अनेक ग्रामीणों का सहयोग रहा। गनीमत रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। वन विभाग ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है। विभाग ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने और एहतियाती कदम उठाने का आश्वासन दिया है। बड़े पैमाने पर हुए पर्यावरणीय नुकसान को लेकर क्षेत्र में चिंता गहरा रही है।
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