जोधपुर के घी कारोबारी के 5 ठिकानों पर छापे:मालाणी डेयरी ग्रुप पर कार्रवाई जारी, करोड़ों की कर चोरी का संदेह
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जोधपुर में घी के बड़े कारोबारी समूह मालाणी डेयरी पर आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग (अन्वेषण शाखा) ने गुरुवार, 15 जनवरी की अलसुबह शहर में स्थित समूह के पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई व्यवसायी घनश्याम सोनी और उनके जुड़ी फर्मों पर की जा रही है। इनमें मंडोर मंडी, न्यू पॉवर हाउस रोड, बोरानाडा इंडस्ट्रियल एरिया, भीतरी शहर स्थित पैतृक निवास और शास्त्री नगर स्थित बंगले पर सुबह से ही आयकर विभाग की टीमें दस्तावेजों की छानबीन कर रही हैं। अलसुबह नॉक, पुलिस का कड़ा पहरा सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की अलग-अलग टीमों ने गुरुवार अलसुबह करीब इन ठिकानों पर दस्तक दी। कार्रवाई के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने या अंदर से बाहर आने की अनुमति नहीं दी गई है। सभी ठिकानों पर पुलिस का कड़ा पहरा बिठाया गया है। बताया जा रहा है कि विभाग को समूह द्वारा बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और अघोषित आय के इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया है। कौन हैं घनश्याम सोनी और मालाणी डेयरी ग्रुप? मालाणी ग्रुप जोधपुर सहित पश्चिमी राजस्थान में डेयरी उत्पादों, विशेषकर घी के थोक व्यापार का एक बड़ा नाम है। समूह के संबंध में ऑनलाइन उपलब्ध कंपनी डेटा के अनुसार, मालाणी डेयरी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों में घनश्याम सोनी के अलावा सुनीता सोनी, विनोद सोनी और विवेक सोनी शामिल हैं। यह समूह मुख्य रूप से घी, बटर ऑयल और स्किम मिल्क पाउडर के थोक व डिस्ट्रिब्यूशन का कार्य करता है। विभिन्न बिजनेस लिस्टिंग प्लेटफॉर्म पर कंपनी का टर्नओवर 500 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है, जो इसके बड़े पैमाने के कारोबार को दर्शाता है। कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस गुलाब सागर क्षेत्र में है, जबकि गोदाम और कामकाज मंडोर मंडी और बासनी/बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्रों से संचालित होता है। इन्वेस्टिगेशन विंग की कार्रवाई, अन्य कारोबारियों में हड़कंप आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग तभी सक्रिय होती है, जब टैक्स चोरी के पुख्ता सबूत या बड़ी मात्रा में कैश फ्लो की सूचना मिलती है। जोधपुर में गुरुवार अलसुबह हुई कार्रवाई की सूचना कुछ ही देर में पूरे शहर में फैल गई और मंडोर मंडी और बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र के अन्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया। न्यू पॉवर हाउस रोड स्थित इंडस्ट्रियल एस्टेट में भी टीम कार्रवाई कर रही है, जहां कई ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रीज के ऑफिस हैं। फिलहाल विभाग की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही अघोषित संपत्ति का सही आंकड़ा सामने आ पाएगा।
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