चोरी की शंका में युवक से मारपीट-इलाज के दौरान मौत:देर रात तक परिजनों ने किया प्रदर्शन, बोले-आरोपियों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई




भीलवाड़ा चित्तौड़ नेशनल हाईवे स्थित एक होटल पर चोरी की शंका में युवक को बन्धक बनाने तथा उसके साथ मारपीट करने के बाद इलाज के दौरान युवक की मौत होने का मामला सामने आया हैं। बुधवार को परिजन भीलवाड़ा अस्पताल में मोर्च्युरी के बाहर देर शाम तक भी मुआवजा दिये जाने की मांग कर अड़े रहे।जिसके कारण देर शाम तक भी मृतक का पोस्टमार्टम नहीं किया जा सका। आज गुरुवार सुबह से मृतक के परिजनों ने होटल संचालक सहित अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू किया है। भाई ने रिपोर्ट देकर लगाए आरोप मामला चित्तौड़ जिले के गंगरार थाना क्षेत्र का है, मंगरोप निवासी विशाल सिंह ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसका भाई शंकर सिंह (20) पुत्रा भगवान सिंह रावणा राजपूत, ट्रांसपोर्ट नगर,भीलवाड़ा में सीएट टायर कंपनी में कार्यरत था। चोरी का आरोप लगाकर बंधक बनाया 13 जनवरी 2026 को शंकर सिंह गंगरार स्थित महादेव होटल में खाना खाने गया था। इसी दौरान होटल संचालक एवं अन्य व्यक्तियों ने उसे झूठे तौर पर बैटरी व टायर चोरी का आरोप लगाकर होटल में बंधक बना लिया। रातभर बेरहमी से मारपीट आरोप है कि आरोपियों ने शंकर सिंह के साथ जान से मारने की नीयत से रातभर बेरहमी से मारपीट की गई।सुचना पर सुबह परिजन होटल पर पहुंचे,वहां से मृतक को गंभीरावस्था में महात्मा गांधी अस्पताल भीलवाड़ा में भर्ती कराया गया।जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। देर शाम तक भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम सूचना मिलने के बाद मौके पर थानाधिकारी श्यामाराम मौके पर पहुंचे उन्होंने बताया की मृतक के परिजन व समाजजन मुआवजा की मांग कर रहे हैं, देर शाम तक भी सहमति नहीं बन पाई। फिलहाल परिजनों से समझाइश की जा रही है, उनकी रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। सुबह होते ही फिर शुरू हुआ प्रदर्शन देर रात सहमति नहीं बनने के बाद परिजन आज गुरुवार सुबह फिर मोर्च्युरी के बाहर इकट्ठा हो गए ओर प्रदर्शन शुरु किया।परिजन नरेंद्र सिंह ने बताया कि हमारे पास सुबह हमारे गांव के राम सिंह जी के पास सुबह फोन आया कि उनके साल के बेटे शंकर सिंह भीलवाड़ा चित्तौड़ रोड पर स्थित होटल में बेहोश अवस्था में पड़ा हुआ है। मारपीट से गई शंकर की जान इस पर हम सब ने लेने के लिए गए तब वहां होटल वाले उसे लाने नहीं दे रहे थे इस दौरान उन्होंने पैसे की भी डिमांड की जैसे-जैसे करके परिवार के लोग उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जब अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हमने देखा उसके शरीर पर चोट के काफी निशान थे परिजनों और परिवार के लोगों को आशंका है कि शंकर के साथ मारपीट की गई है और रात भर वहीं पड़े रहने से उसकी मौत हो गई है। पीड़ित के परिवार को 21 लाख मुआवजा मिले इसलिए हम चाहते हैं कि इस मामले में जो भी दोषी है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उनकी गिरफ्तारी की जाए। क्योंकि इसमें 8 – 10 लोग शामिल है, मारपीट करने और समय पर अस्पताल नहीं ले जाने से उसकी मौत हो गई। इस बात की जानकारी उन्होंने पुलिस को भी नहीं दी। पीड़ित परिवार को 21 लाख रुपए सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाए शंकर परिवार में इकलौता कमाने वाला व्यक्ति था जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती है तब तक हम शव नहीं उठाएंगे।



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