The burden of regulatory surcharge should be borne by the state government: Chamber | रेगुलेटरी सरचार्ज का भार राज्य सरकार द्वारा वहन करे: चैम्बर – rajsamand (kankroli) News


मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री ने अजमेर विद्युत वितरण निगम द्वारा राजस्थान विद्युत नियामक आयोग में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दायर याचिका के संबंध में पुनर्विचार याचिका दायर की है। चैम्बर ने मांग की है कि विद्युत दरों को तर्कसंगत किया जाए और रे

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वित्त वर्ष 2025-26 से डिस्कॉम द्वारा 1 रुपये प्रति यूनिट रेगुलेटरी सरचार्ज लगाया गया है, जबकि वास्तविक ईंधन अधिभार 0.28 रुपये था। 2026-27 में अनुमानित 0.14 रुपये प्रति यूनिट अधिभार के बजाय डिस्कॉम ने 0.86 रुपये प्रस्तावित किया, जिसे राज्य सरकार द्वारा वहन करने की अपील की गई। चैम्बर ने वर्तमान टीओडी टैरिफ व्यवस्था, कैप्टिव सोलर प्लांट की क्षमता, बैटरी बैक-अप अनिवार्यता और सोलर पावर शुल्क को लेकर भी आपत्तियां उठाईं। ऑफ-पीक और पीक आवर्स में छूट और अधिभार के समय को समान दर पर 6-6 घंटे करने, ताकि उपभोक्ता महंगी बिजली से बच सकें, की भी सिफारिश की गई।



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