Retired officer and his wife digitally arrested for 12 days in Udaipur | सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड अधिकारी और पत्नी 12 दिन डिजिटल-अरेस्ट: CBI अधिकारी, ASP और मजिस्ट्रेट बनकर 68 साल ठगे,मनी लॉन्ड्रिंग केस के नाम पर धमकाया – Udaipur News
उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी (MLSU) के एक रिटायर्ड अधिकारी को साइबर ठगों ने करीब 68 लाख रुपए की चपत लगा दी। इतना ही नहीं, ठगों ने उन्हें और उनकी पत्नी को 12 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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उदयपुर के न्यू केशवनगर इलाके में D रोड पर रहने वाले 68 वर्षीय भरत व्यास, जो सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हैं, और उनकी पत्नी आशा व्यास को ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए फंसाया। ठगों ने कुल 67 लाख 90 हजार रुपए हड़प लिए।

साइबर पुलिस थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, 28 दिसंबर 2025 को भरत व्यास के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया, जिसमें कहा गया कि उनके नाम पर शिकायत दर्ज हुई है। थोड़ी देर बाद व्हाट्सएप कॉल पर एक व्यक्ति ने खुद को दिल्ली सीबीआई से लक्ष्मण बताते हुए कहा कि उनका मनी लॉन्ड्रिंग केस में नरेश नामक व्यक्ति से 20 लाख का लेनदेन हुआ है।
बाद में उसने कहा कि आपसे सीबीआई चीफ बात करेंगे और फिर, लक्ष्मण ने जॉइंट कॉल में समाधान पंवार को जोड़ा, जो खुद को सीबीआई दिल्ली ब्रांच का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बता रहा था। पंवार ने भरत और उनकी पत्नी से संपत्ति, बैंक बैलेंस, जेवर आदि की जानकारी ली और कोर्ट में पेश करने की धमकी दी।
पीड़ित ने पुलिस को दी रिपोर्ट के अनुसार,तथाकथित जांच अधिकारी लक्ष्मण जो कि पूर्व में व्हाट्सएप कॉलिंग से जुड़ा हुआ था जिसने मजिस्ट्रेट को कॉल में जोड़ा। मजिस्ट्रेट ने कहा कि जिसने कहा कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस बनता है और आप इसके दोषी पाये गये हो। मजिस्ट्रेट ने कहा कि बैंक बैलेंस और जेवरों की कुल 11.90 लाख रुपए की रकम तुरंत कोर्ट के बैंक अकाउंट में जमा कराएं, जिससे आपकी जमानत स्वीकार की जा सके।

ऐसे खाते खाली कर दिए पति-पत्नी ने
रत व्यास ने पुलिस को बताया कि वरिष्ठ नागरिक होने से और गिरफ्तारी के डर से उक्त लोगो द्वारा बताए गए बैक खाते में 5.50 लाख रुपए जमा करवाए। भरत व्यास ने पुलिस को बताया कि 28 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक व्हाट्सएप वीडियो कॉल्स के जरिए उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखा गया और विभिन्न किश्तों में 5.50 लाख, 9 लाख, 20 लाख, 20 लाख, 2 लाख और 6.40 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए गए।
पीड़ित भरत व्यास ने बातचीत में कहा कि इस घटना से वे मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं और जिनसे पैसे उधार लिए थे, उन्हें लौटाने के लिए अपनों से सलाह ले रहे हैं।





