PBM: Mother Milk Bank started, newborns will not be deprived of mother’s milk, milk will remain safe for 3 months. | पीबीएम जनाना अस्पताल: मदर मिल्क बैंक शुरू, मां के दूध से वंचित नहीं रहेंगे नवजात, 3 महीने तक सुरक्षित रहेगा दूध – Bikaner News
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-डाॅ. मदन गाेपाल चाैधरी प्राेफेसर, पीडिया
पीबीएम जनाना अस्पताल में संपूर्ण स्तनपान केंद्र शुरू हो गया है, जिसे मदर मिल्क बैंक के नाम से भी जाना जाता है। इसमें मां का दूध तीन महीने तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
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जनाना अस्पताल के पुराने एएनसी कक्ष में संपूर्ण स्तनपान केंद्र खोला गया है, जिसे “वात्सल्य” नाम दिया गया है। ऐसी माताएं जिनका दूध ज्यादा आता है, वे जरूरी मेडिकल जांच के बाद वात्सल्य में जाकर अपना दूध दान कर सकेंगी। माताओं का दूध निकालने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। उनका दूध फ्रीजर में सुरक्षित रखा जाएगा।
जनाना और बच्चा अस्पताल की नर्सरी में ऐसे काफी बच्चे भर्ती होते हैं, जिन्हें मां का दूध नसीब नहीं हो पाता। आमतौर पर प्री-मेच्योर बच्चों के साथ यह समस्या रहती है। उन्हें जन्म देने वाली मां का दूध नहीं उतरता। ऐसे में मदर मिल्क बैंक उन शिशुओं के लिए नया जीवन देने वाला साबित होगा।
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में मदर मिल्क बैंक खोलने की घोषणा सरकार ने विधानसभा में की थी। वात्सल्य के नोडल अधिकारी पीडिया के प्रोफेसर डॉ. मदनगोपाल चौधरी ने बताया कि दूध दान करने के लिए ऐसी माताओं को प्रेरित किया जाएगा, जिनका दूध अधिक आता है। इसके लिए जनाना विंग के डॉक्टरों और नर्सिंग ऑफिसरों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होगी।
भास्कर एक्सपर्ट – डॉ. मदन गोपाल चौधरी, प्रोफेसर, पीडिया
स्वस्थ माताएं अपना दूध दान कर सकती हैं
स्वस्थ माताएं अपना दूध दान कर सकती हैं, खासकर यदि वे अपने बच्चे की जरूरत से ज्यादा दूध बना रही हों। इसके लिए एचआईवी, हेपेटाइटिस, सिफिलिस जैसे संक्रमणों से मुक्त होना जरूरी है। तंबाकू या शराब का सेवन करने वाली नहीं होनी चाहिए। दूध लेने से पहले उनकी पूरी मेडिकल जांच होगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दूध सुरक्षित है और यह समय से पहले जन्मे या बीमार शिशुओं के लिए जीवनरक्षक बन सकता है।
“जनाना विंग में मदर मिल्क बैंक शुरू हो गया है। दूध दान करने के लिए माताओं को प्रेरित किया जाएगा। गायनी विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि महिलाएं अपनी इच्छा से दूध देने के लिए स्वतंत्र रहेंगी।”
–डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा, प्रिंसिपल, एसपीएमसी

