Om Birla said – now voices will resonate in 22 languages in Parliament. | ओम बिड़ला बोले- संसद में अब 22भाषाओं में गूंजेगी आवाज: 111% रही संसद की उत्पादकता, अब अपनी मातृभाषा में बोल सकेंगे सांसद – Jodhpur News
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लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला शुक्रवार को अपने दो दिवसीय प्रवास पर जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने संसद में हुए ऐतिहासिक बदलावों का जिक्र किया। बिड़ला ने कहा कि भारतीय संसद दुनिया की इकलौती ऐसी संसद बन गई है, जहां एक साथ 22 क्षेत्रीय
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सांसदों को मिली अपनी भाषा में बोलने की आजादी
बिड़ला ने बताया कि अब सांसद संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में सदन में अपने विचार रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र की विविधताएं हैं और जब जनप्रतिनिधि अपनी मातृभाषा में जनता की भावनाओं को संसद में रखेंगे, तो हमारा लोकतंत्र और अधिक सशक्त होगा।
सहमति-असहमति लोकतंत्र की ताकत
संसद की कार्यप्रणाली पर संतोष जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले सत्र में संसद की प्रोडक्टिविटी रिकॉर्ड 111 प्रतिशत रही। उन्होंने भविष्य में भी सार्थक चर्चा की उम्मीद जताते हुए कहा, “विचारों में सहमति और असहमति ही लोकतंत्र की असली ताकत है। मुझे आशा है कि भविष्य में भी सभी दलों के सांसदों के बीच संवाद बना रहेगा।”
युवाओं के लिए स्टार्टअप और नवाचार पर जोर
जोधपुर में आयोजित हो रहे माहेश्वरी समाज के महाकुंभ (MGC-2026) का जिक्र करते हुए बिड़ला ने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने में हर समाज का योगदान जरूरी है। उन्होंने कहा कि माहेश्वरी समाज में बड़ी संख्या में उद्यमी और व्यापारी हैं। समाज के नौजवान अब नवाचार और नए स्टार्टअप के साथ आगे बढ़ें। जब सभी समाज इसी तरह योगदान देंगे, तभी प्रधानमंत्री के संकल्प को देश की 140 करोड़ जनता मिलकर पूरा कर सकेगी।

