Kalamandikalan’s Sursyam Temple Dev Van, Madan Vilas Palace will be converted into an education museum | कलमंडीकलां का सूरश्याम मंदिर देव वन, मदन विलास पैलेस बनेगा शिक्षा संग्रहालय – jhalawar News
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जिले के कलमंडीकलां का सूरश्याम मंदिर देव वन के रूप में विकसित होगा। वहीं झालरापाटन के मदन विलास पैलेस को शिक्षा संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। जिला स्तरीय पर्यटन विकास की बैठक में गुरुवार को यह निर्णय लिया गया।
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सूरश्याम मंदिर की प्राचीन मंदिर है। यहां के चारों तरफ के वातावरण को हरियाली से आच्छादित किया जाएगा। इसी तरह से यहां पर औषधीय पौधों की पूरी शृंखला विकसित की जाएगी। वहीं झालरापाटन के मदन विलास में इतिहास, संस्कृति सहित अन्य किताबों का संग्रह रखा जाएगा। डाइट में होने वाले शोध का भी यहां पर प्रजेंटेशन रहेगा। विभिन्न प्रसिद्ध किताबें और शिक्षा विभाग की उपलब्धियों, सफलताओं का भी यहां संग्रह होगा।
बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने की। बैठक में समिति के सदस्यों के साथ जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों के संरक्षण, संवर्द्धन और उनके प्रचार-प्रसार से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर गहन चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि जिले में प्रमुख स्थानों के रूप में मनोहरथाना में कोटड़ा का महल, झालरापाटन में गढ़ स्थित जनाना महल, डग में गंगधार का किला और खानपुर में मऊबोरदा को पहचान दिलाई जाएगी। मदन विलास पैलेस की टूटी छतरियों की मरम्मत होगी मिश्रौली स्थित स्तंभाकार बैसाल्टिक चट्टानों को जियो साइट के रूप में विकसित करने के लिए इंटेक के संयोजक राज्यपाल शर्मा और पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक सिराज कुरैशी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वहीं गागरोन किले के परकोटे पर बने पुराने क्षतिग्रस्त शौचालयों को तुड़वाने और निमार्णाधीन रैन बसेरा के प्रगतिरत कार्यों पर भी कलेक्टर ने चर्चा की। मदन विलास पैलेस की टूटी छतरियों और दीवारों की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार करने के आदेश पीडब्ल्यूडी के एसई को दिए।

