Emphasis on membership in PACS, Dairy, Fisheries Committees | पैक्स, डेयरी, मत्स्य समितियों में सदस्यता पर जोर – Udaipur News



झीलों की नगरी उदयपुर में गुरुवार को सहकार से समृद्धि के विजन को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई। होटल अरावली में हो रही इस कॉन्फ्रेंस में देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सहकारि

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इस मौके पर मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पंकज कुमार बंसल भी उपस्थित रहे। डॉ. भूटानी ने कहा कि सहकार के बिना समृद्धि की कल्पना अधूरी है। सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नियमों का सरलीकरण, बैंकिंग व्यवस्था में सुधार और विभिन्न संस्थाओं के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है। उन्होंने गुजरात के बनासकांठा जिले का उदाहरण देते हुए बताया कि रेगिस्तानी क्षेत्र होने के बावजूद वहां डेयरी और वृक्षारोपण के क्षेत्र में सहकारिता के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने अधिकारियों से जिलों और गांवों में जाकर आमजन से सीधा फीडबैक लेने का आह्वान किया।

डॉ. भूटानी ने सहकारी बैंकिंग में दोहरे नियंत्रण से उत्पन्न चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि बैंकों के बोर्ड के सुचारु संचालन और शाखा विस्तार पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने बताया कि आरबीआई ने बिना पूर्व अनुमति 10 नई शाखाएं खोलने की छूट दी है, जिसका सहकारी बैंकों को लाभ उठाना चाहिए। सचिव बंसल ने बताया कि पैक्स, डेयरी और मत्स्य पालन समितियों में सदस्यता बढ़ाने की दिशा में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों ने सराहनीय काम किया है। सहकारी क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए क्षमता संवर्धन और प्रशिक्षण पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इसी कड़ी में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना को एक बड़ा कदम बताया गया। उद्घाटन सत्र में संयुक्त सचिव सिद्धार्थ जैन ने पीपीटी के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र की विकास यात्रा, आगामी कार्ययोजना और राज्यों से अपेक्षाओं पर प्रस्तुति दी।

उन्होंने कहा कि सहकारिता गांव-गांव तक पहुंच रखने वाला व्यापक क्षेत्र है और देश की अर्थव्यवस्था में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना 6 जुलाई 2021 को हुई और अब तक 100 से अधिक पहलों के जरिए सहकारी क्षेत्र को सशक्त किया जा रहा है। लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक देश की जीडीपी में सहकारी क्षेत्र का योगदान तीन गुना किया जाए। सहकारिता विभाग की शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार आनन्दी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस की मेजबानी करना राजस्थान के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि सहकारी आंदोलन अब केवल सुधारों के दौर में नहीं, बल्कि नई कल्पना और नई दिशा की ओर अग्रसर है।



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