News related to the faculty of medical institutions of the state | प्रदेश की मेडिकल संस्थानों की फैकल्टी से जुड़ी खबर: अब एक ही फैकल्टी 2 जगह नहीं दिखा सकेंगे निजी कॉलेज, FMS रखेगा नजर – Jaipur News



प्रदेश की मेडिकल संस्थानों की फैकल्टी से जुड़ी खबर है। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने संबद्धता प्राप्त 500 निजी संस्थानों में फैकल्टी की गड़बड़ी रोकने के लिए नया ‘फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम’ पोर्टल बनाया है। इससे विवि प्रशासन न केवल मॉनिटर

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  • मेडिकल, डेंटल, फार्मेसी, बी.एससी नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी संस्थानों की 7 हजार फैकल्टी का डेटा अपलोड

प्रदेश की निजी मेडिकल, डेंटल, फार्मेसी, बी.एससी नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी संस्थानों में फैकल्टी अब एक ही संस्थान में काम कर सकेगी। किसी फैकल्टी को नियमानुसार एक साल तक नहीं हटा सकते। और यदि हटाते हैं, तो कारण के साथ विवि को सूचना भेजनी पड़ेगी। अब तक 7 हजार फैकल्टी के डेटा अपलोड किए जा चुका है। इसमें सरकारी मेडिकल संस्थान भी शामिल हैं। शेष 4 हजार के प्रक्रियाधीन हैं। निजी संस्थानों को विवि के नियमों की पालना करना अनिवार्य है।

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  • संबद्धता प्राप्त निजी संस्थानों को फैकल्टी की नियुक्ति पोर्टल के जरिए एवं चयन समिति तय करेगी। जिसमें विवि का एक नामित अधिकारी शामिल होगा। उसके अनुमोदन के बाद ही नियुक्त होगी। इस पोर्टल पर भी अपलोड करना होगा। पोर्टल पर फीड होने से आरयूएचएस के पास फैकल्टी का सारा डेटा उपलब्ध रहेगा।
  • मौजूदा स्थिति में एक ही फैकल्टी निरीक्षण के दौरान अपना नाम दो-दो जगह दर्ज करा देती है।
  • आगे क्या : पोर्टल पर डेटा फीड फैकल्टी को ही पंजीकरण, थ्योरी और प्रायोगिक परीक्षा लेने के साथ ही कॉपियां जांचने, शोध, निरीक्षण के अलावा अन्य कामों में लगाया जा सकेगा।

अब डेंटल में भी स्किल डवलपमेंट सर्टिफिकेट कोर्सेज

आरयूएचएस कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज एवं अस्पताल की ओर से डेंटल में भी 6 तरह के स्किल डवलपमेंट सर्टिफिकेट कोर्सेज प्रारंभ किए हैं। जिसमें बेसिक इंप्लांटालॉजी, क्लिनिकल ओरल सर्जरी, एंडोडोंटिक्स, पीडोडोन्टिक्स, प्रिवेंटिव डेन्टिस्ट्री, क्लिनिकल प्रोस्थोडेंटिक्स, डेंटल टेक्नीशियन एवं मेकेनिक्स में प्रवेश के लिए आवेदन 17 जनवरी तक शाम पांच बजे तक कर सकते है। संभावित सूची 23 जनवरी तक जारी की जाएगी। और फीस 30 जनवरी तक जमा करानी पड़ेगी। कोर्सेज की कक्षाएं 16 फरवरी से लगेगी। आरयूएचएस कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज के अधीक्षक डॉ.सकंल्प मित्तल और प्रिंसिपल अंजलि कपूर कहना है कि स्किल आधारित कोर्सेज युवा दंत चिकित्सकों के लिए अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलेगा। साथ ही अनुभवी डेंटिस्टों के अनुभव के साथ अपग्रेड भी हो सकेंगे।

आरयूएचएस से संबद्धता प्राप्त निजी संस्थानों में फैकल्टी से जुड़ा डेटा फीड करने और पारदर्शिता लाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है, जिसमें एक फैकल्टी का नाम एक से अधिक कॉलेज में नहीं दिखेगा। एफएमएस पोर्टल बनाया है। इससे पता रहेगा कि कहां कितनी फैकल्टी है और क्या योग्यता है। –डॉ. प्रमोद येवले, कुलपति, आरयूएचएस



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