People’s anger erupted after the Harish Joshi murder case | राजसमंद में हरीश जोशी हत्याकांड के बाद सर्वसमाज का प्रदर्शन: सांसद ने कलेक्टर से ली जानकारी; सहमति के बाद शाम को किया अंतिम संस्कार – rajsamand (kankroli) News



हरीश जोशी हत्याकांड के बाद कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए परिजन समेत अन्य।

राजसमंद में हरीश जोशी की हत्या के खुलासे के बाद आज सर्वसमाज ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया।

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आक्रोशित सर्वसमाज के लोगों ने कलेक्ट्री के बाहर आठ घंटे से अधिक समय तक धरना प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बड़ी संख्या में लोग सुबह 11 बजे से कलेक्ट्री के बाहर पहुंचने लग गए।

प्रदर्शन के बाद सर्वसमाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में हत्यारों को फांसी की सजा देने, कांकरोली पुलिस थाने के लापरवाह कर्मचारियों को निलंबित करने, मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, प्रकरण को केस ऑफिसर स्कीम में लेने तथा मृतक की ओर से विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की मांग रखी गई।

सांसद ने कलेक्टर से ली जानकारी

सांसद महिमा कुमारी ने मोबाइल फोन पर कलेक्टर से बातचीत कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा। सांसद ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री से भी बात की है। ज्ञापन सौंपने के बाद कलेक्टर ने कार्रवाई के लिए आधे घंटे का समय मांगा, लेकिन सहमति नहीं बनने पर सभी लोग कलेक्ट्री के गेट नंबर एक पर ही धरने पर बैठे रहे।

कुछ युवाओं द्वारा बाजार बंद करने का आह्वान भी किया गया, लेकिन एएसपी महेंद्र पारीक सहित पुलिस जाप्ते ने कांकरोली बस स्टैंड क्षेत्र से लोगों को समझाइश कर वापस रवाना कर दिया। इस बीच मृतक के परिवारजन और धोइंदा क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिलाएं भी कलेक्ट्री के गेट नंबर एक पर पहुंच गईं। प्रदर्शन के दौरान विधायक दीप्ति माहेश्वरी के खिलाफ भी नारेबाजी हुई। वहीं मावली के पूर्व विधायक धर्म नारायण जोशी भी मौके पर पहुंचे और एसपी ममता गुप्ता से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।

मृतक की पत्नी को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन करीब आठ घंटे बाद प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि हरीश जोशी की गुमशुदगी के मामले के जांच अधिकारी को एपीओ किया जाएगा। साथ ही दो दिन में पुलिस लापरवाही की जांच कर कार्रवाई, केस को केस ऑफिसर स्कीम में लेने, विशेष पीपी की नियुक्ति और मृतक की पत्नी को संविदा पर नौकरी देने पर सहमति बनी। हालांकि मुआवजे को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई।

दिनभर चले घटनाक्रम के बाद शाम करीब 6.30 बजे सभी प्रदर्शनकारी कलेक्ट्री से रवाना हुए। इसके बाद धोइंदा में मृतक हरीश जोशी का अंतिम संस्कार किया गया।



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