Judge inspects night shelters in Jaisalmer | जैसलमेर में जज ने किया रैन बसेरों का निरीक्षण: व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं लेकिन ठहरने वाले लोग कम; प्रचार बढ़ाने के निर्देश – Jaisalmer News
जैसलमेर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विजेंद्र कुमार ने बुधवार को शहर के रैन बसेरों का अचानक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिले में कड़ाके की ठंड को देखते हुए जरूरतमंदों के लि
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प्राधिकरण सचिव ने नगर परिषद जैसलमेर की ओर से हनुमान चौराहा पर संचालित रैन बसेरे का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सचिव ने वहां उपलब्ध सुविधाओं जैसे बिस्तर, साफ-सफाई, पेयजल और सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की। प्रारंभिक जांच में हनुमान चौराहे के इस रैन बसेरे की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। सचिव ने रजिस्टर का अवलोकन किया और वहां तैनात कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी ली।

प्राधिकरण सचिव ने नगर परिषद जैसलमेर द्वारा संचालित हनुमान चौराहा स्थित रैन बसेरे का अचानक निरीक्षण किया।
प्रचार की कमी: खाली पड़े हैं बिस्तर
निरीक्षण के दौरान एक गंभीर बात सामने आई कि रैन बसेरे में ठहरने वाले व्यक्तियों की संख्या काफी कम थी। शहर के मुख्य चौराहे पर स्थित होने के बावजूद यहां लोगों की कम उपस्थिति पर सचिव ने चिंता जताई।
यह माना गया कि जिला प्रशासन और नगर परिषद द्वारा इन रैन बसेरों का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है, जिसके कारण कड़ाके की सर्दी में फुटपाथ पर सोने वाले कई जरूरतमंद इन सुविधाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
नगर परिषद आयुक्त को निर्देश
प्राधिकरण सचिव ने मौके पर ही नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देशित किया कि रैन बसेरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए जाएं और मुनादी करवाई जाए, ताकि अधिक से अधिक बेसहारा और जरूरतमंद व्यक्ति इन रैन बसेरों तक पहुंच सकें और सर्दी से बचाव कर सकें।

प्राधिकरण सचिव ने मौके पर ही नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देशित किया कि रैन बसेरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
निरीक्षण दल में ये रहे मौजूद
इस अचानक निरीक्षण के दौरान नगर परिषद के जिला परियोजना अधिकारी ऋषभ जायसवाल, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल मदनसिंह सोढ़ा और विधिक सेवा प्राधिकरण के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
सचिव ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में अन्य आश्रय स्थलों का भी अचानक निरीक्षण जारी रहेगा ताकि किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए।

