Green trees were cut using a JCB machine, a case was registered. | जेसीबी मशीन से हरे पेड़ काटे, मामला दर्ज: ट्री मैन लांबा ने लगाए थे; ट्री गार्ड भी तोड़ गया ठेकेदार – Tonk News


लांबा तालाब की पाल पर हरे कटे, आरोपियों के खिलाफ मेहंदवास थाने श्री कल्पतरू संस्थान के अध्यक्ष विष्णु लांबा ने आरोपियोंके खिलाफ दर्जनकर्या

टोंक जिले की ग्राम पंचायत लांबा में तालाब की पाल पर पेड़ों को जेसीबी मशीन से अवैध रूप से काटने का गंभीर मामला सामने आया है।

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यह वृक्षारोपण संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के तत्कालीन प्रमुख (Executive Director) एरिक सोलहेम, तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में श्री कल्पतरु संस्थान द्वारा किया गया था।

तालाब के किनारे बालाजी मंदिर से मोरी तक बरगद, पीपल जैसे पौधे लगाए गए थे। उनकी सुरक्षा के लिए लोहे के ट्री-गार्ड लगाए गए थे। कई सालों की देखभाल के बाद ये पेड़ 5 से 15 फीट तक बड़े हो गए थे। इन्हें 3 जनवरी को एक अज्ञात ठेकेदार के निर्देश पर जेसीबी मशीन से काट दिया गया। ट्री-गार्ड उखाड़ दिए गए तथा हरे पेड़ों की लकड़ी मौके से उठा ली गई।

मामला दर्ज किया गया

ट्री मैन ऑफ इंडिया एवं श्री कल्पतरु संस्थान के अध्यक्ष विष्णु लांबा तक यह जानकारी पहुंची तो वे मंगलवार को प्रतिनिधि मंडल के साथ मौके पर पहुंचे और जायजा लिया। मौके पर निरीक्षण के दौरान हरे वृक्षों की बेरहमी से कटाई, उखाड़े गए ट्री-गार्ड तथा बड़ी मात्रा में कटी हुई हरी लकड़िया पाई गई। इसके बाद विष्णु लांबा ने कलेक्टर कल्पना अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक टोंक राजेश मीणा सहित उच्च अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना मेहंदवास पुलिस द्वारा मौके का मुआयना कर अजय लोगो के पेड़ों को काटने का मामला दर्ज किया गया।

हरे काटने के मामले पुलिस ने मौके से पहुंचकर जायजा लिया।

हरे काटने के मामले पुलिस ने मौके से पहुंचकर जायजा लिया।

फिर से पेड़ लगाने की अपील

श्री कल्पतरु संस्थान अध्यक्ष विष्णु लांबा ने कहा कि यह केवल पेड़ों की कटाई नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र स्तर पर हुए पर्यावरणीय प्रयास, जनभागीदारी और वर्षों की साधना पर सीधा हमला है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और फिर से वृक्षारोपण अनिवार्य है। दोषी ठेकेदार, जेसीबी मालिक एवं संबंधित जिम्मेदारों पर कठोर आपराधिक कार्रवाई की जाए। काटे गए वृक्षों के स्थान पर तत्काल फिर से वृक्षारोपण किया जाए।

‘विकास’ के नाम पर संरक्षित वृक्षों की कटाई रोकने के लिए सख्त प्रशासनिक निर्देश। यह घटना न केवल टोंक, बल्कि पूरे राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।

बता दें कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यों के चलते पूर्व में भी ट्री मैन ऑफ इंडिया विष्णु लांबा पर जानलेवा हमले हो चुके हैं तथा उन्हें गंभीर धमकियां मिलती रही हैं। ऐसे में इस प्रकरण में भी पुलिस एवं प्रशासन पर यह बड़ी जिम्मेदारी है कि दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष, त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए पर्यावरण रक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।



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