Fake Degree Racket | Fireman Librarian Exam; SOG Arrested Rajasthan University Director | बिना मान्यता चल रही थी यूनिवर्सिटी, डायरेक्टर गिरफ्तार: देश में 10 हजार से ज्यादा संस्थान जुड़े; फायर टेक्नीशियन और लाइब्रेरियन परीक्षा के लिए बांटी फर्जी डिग्रियां – Jaipur News


फर्जी डिग्री रैकेट पर कार्रवाई करते हुए एसओजी ने चेन्नई की भारत सेवक समाज यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया।

राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने फायर टेक्नीशियन और लाइब्रेरियन परीक्षाओं में फर्जी डिग्रियां बांटने वाली यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई की। फर्जी डिग्री रैकेट पर कार्रवाई करते हुए एसओजी ने चेन्नई की भारत सेवक समाज (बीएसएस​​​​) यूनिवर्सि

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SOG टीम ने बुधवार को आरोपी डायरेक्टर SAG मोएसन को चेन्नई से पकड़ा है और जयपुर लेकर आ रही है। फर्जी डिग्री से जुड़ा रैकेट वॉट्सऐप के जरिए संचालित किया जा रहा था।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह यूनिवर्सिटी बिना किसी सरकारी मान्यता और रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रही थी। इसमें 100 से अधिक प्रोफेशनल कोर्स कराए जा रहे थे। इस फर्जीवाड़े के चलते अब हजारों डिग्रियां जांच के दायरे में आ गई है।

3 दिन में दिए थे फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट फर्जी यूनिवर्सिटी ने अभ्यर्थियों को 12वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड लेकर 2 से 3 दिन में फायर टेक्नीशियन कोर्स की मार्कशीट और प्रमाण पत्र जुलाई 2025 में उपलब्ध कराए थे। भारत सेवक समाज के पास कोई प्रशिक्षण संस्थान या सेटअप नहीं है। केवल एक ऑफिस के जरिए देशभर में हजारों युवाओं को विभिन्न कोर्सों के डिप्लोमा और प्रमाण पत्र जारी कर दिए।

फायर टेक्नीशियन डिप्लोमा कोर्स के प्रमाण पत्र बैकडेट में जारी किए ADG विशाल बंसल ने बताया- भारतीय नौसेना में फायर टेक्नीशियन पद की प्रतियोगी परीक्षा-2025 में शामिल अभ्यर्थियों को बैकडेट में डिप्लोमा देने की सूचना मिली। वहीं ऑपरेटर्स एवं स्टोरकीपर कोर्स के डिप्लोमा, प्रमाण-पत्र और अंकतालिकाएं उपलब्ध कराने मामले में पुलिस थाना SOG जयपुर ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच में सामने आया कि भारत सेवक समाज चेन्नई ने ए.एस. फायर एंड सेफ्टी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट तुंगला (करौली) के साथ वर्ष 2023-24 के कोर्स के डिप्लोमा एवं मार्कशीट बिना वैध प्रशिक्षण के रुपए लेकर रुपए लेकर बैकडेट में जारी की। SOG अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों, संस्थानों और फर्जी डिग्री धारकों की विस्तृत जांच कर रही है।

डीआईजी परिस देशमुख ने बताया- भारत सेवक समाज संस्था खुद को योजना आयोग भारत सरकार से अधिकृत बताकर स्किल डेवलपमेंट कोर्स संचालित करने का दावा करती, जबकि योजना आयोग ने संस्था को कोई मान्यता नहीं दी है। संस्था को कोई कोर्स संचालित करने, प्रशिक्षण देने और डिप्लोमा या प्रमाण-पत्र देने का अधिकार नहीं है।

10 हजार से ज्यादा कॉलेजों को दी फर्जी एफिलिएशन भारत सेवक समाज ने प्रमाण पत्र जारी करवाने के लिए कॉलेजों को एफिलिएशन लेना अनिवार्य बताया था। इसके एवज में हर कॉलेज से 70 हजार से 1 लाख रुपए तक राशि वसूले थे। देशभर में 10 हजार से अधिक कॉलेजों और संस्थानों को जोड़ा गया।

डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन के लिए अभ्यर्थियों से कॉलेज 10 हजार से 20 हजार तक शुल्क लेते थे। इसमें प्रति अभ्यर्थी 2 हजार रुपए भारत सेवक समाज को दिए जाते थे। राजस्थान के दौसा जिले में संचालित एक संस्थान के संचालक को भी मामले में गिरफ्तार किया गया है।

चेयरमैन पर गिरफ्तारी वारंट, अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा भारत सेवक समाज के चेयरमैन बी.एस. बालचंद्रन के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं। मामले में उनकी भी गिरफ्तारी होगी। वहीं मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी एसओजी कार्रवाई करेगी।

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राजस्थान फायरमैन भर्ती में नकली सर्टिफिकेट से नौकरी:अब तक 51 पकड़े गए, पूर्व सैनिकों ने भी किया फर्जीवाड़ा, 450 अब भी रडार पर

राजस्थान में फर्जी सर्टिफिकेट से 50 से ज्यादा लोगों को फायरमैन की नौकरी मिल गई। भर्ती में 161 सेंटीमीटर हाइट के कैंडिडेट भी सिलेक्ट कर लिए गए, जबकि नियम 165 सेमी का है। फायरमैन भर्ती-2021 में हुई धांधली का दायरा बढ़ता जा रहा है। अब कर्मचारी चयन बोर्ड सिलेक्ट हुए 450 कैंडिडेट की दोबारा से जांच में जुट गया है। एक्स आर्मी और स्पोट्‌र्स कोटे से सिलेक्ट हुए कैंडिडेट भी बोर्ड के रडार पर हैं। इनकी संख्या 150 बताई जा रही है। बता दें इस भर्ती की जांच SOG को मिली थी। (पूरी खबर पढ़ें)



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