The villagers will now assess themselves and tell how the water supply system in the village is. | जल जीवन मिशन: ग्रामीण अब खुद आकलन कर बताएंगे कि गांव में जल आपूर्ति की व्यवस्था कैसी – Bharatpur News



जल जीवन मिशन के तहत अब ग्रामीण सामुदायिक स्तर पर बैठकर चर्चा करेंगे कि गांव में जल व्यवस्था किस तरह संचालित की जा रही है। पानी पर्याप्त मात्रा में मिल रहा है या नहीं। पानी नियमित मिल रहा है या नहीं। जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, उसकी गुणवत्ता ठीक है

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जल शक्ति मंत्रालय ने सभी राज्यों से 26 जनवरी तक जल आकलन की रिपोर्ट ऑनलाइन करने को कहा है। इसके लिए मंत्रालय ने जल सेवा आकलन के लिए पोर्टल पर एक टूल ई–लॉन्च जारी किया है। इससे गांव के लोग मिलकर अपने पानी की व्यवस्था को बेहतर बनाने में भागीदारी कर सकेंगे। इसका मकसद गांवों में पेयजल आपूर्ति की नियमितता, उपलब्धता, गुणवत्ता और स्थिरता पुख्ता करना है।

जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में 9458 गांव ऐसे हैं, जहां कनेक्शन देने में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब वहां रोजाना शुद्ध और पर्याप्त मात्रा में पानी सप्लाई करने पर जोर दिया जा रहा है। इसकी देखरेख करने के लिए जल सेवा आकलन शुरू किया गया है। इनमें से 5243 गांवों को सर्टिफाइड किया गया है। इस दायरे में प्रदेश की एक हजार से ज्यादा पंचायतें शामिल हैं। यहां के लोगों को किसी अन्य एजेंसी पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जल सेवा वितरण सिस्टम को खुद ही परखने में सक्षम बनाएंगे।

अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों का प्रबंधन ग्रामीणों के द्वारा ही किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने इस पहल से जल सेवा आकलन ग्राम पंचायतों को अपनी जल आपूर्ति प्रणालियों का संरक्षक बनने का अधिकार दिया है।

वे ग्राम सभाओं के माध्यम से निर्णय ले पाएंगे। यह भी पता लगेगा कि पाइपलाइन द्वारा जल आपूर्ति प्रणाली प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है या नहीं। इस आकलन में ग्रामीण, पंचायत पदाधिकारी, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों की भागीदारी रहेगी। ग्रामीणों द्वारा किए गए मूल्यांकन के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे। ऐसे में गड़बड़ियां भी उजागर होंगी। इससे बचने के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण होगा।

चर्चा में महिलाओं को भी शामिल करना होगा

ग्राम सभा में चर्चा के दौरान महिलाओं और पिछड़े तबके के लोगों को भी शामिल करना होगा। ग्राम सभा के प्रस्ताव द्वारा अनुमोदन प्राप्त होने पर मूल्यांकन को जल जीवन मिशन पंचायत डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाएगा। ग्रामीणों का फीडबैक लेने के लिए एक माह का समय रहेगा। ग्रामीणों की ओर से किए गए आकलन की एक रिपोर्ट कलेक्टर व जिला परिषदों के सीईओ को भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उन समस्याओं के निस्तारण की योजनाएं बनाई जा सके।



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The 527-bed medicine wing will be dedicated to the public this year. | उम्मीदों का नया शहर: 527 बेड की मेडिसिन विंग इस साल जनता को समर्पित की जाएगी – Bikaner News



संभाग के सबसे बड़े प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल परिसर में नई मेडिसिन विंग नव वर्ष में जनता को सम​र्पि​त होगी। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 527 बेड की यह सबसे बड़ी मेडिसिन विंग है, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है।

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पीबीएम परिसर में 76 हजार स्क्वायर फीट में चार मंजिला इस बिल्डिंग का निर्माण एरिया 3.10 लाख स्क्वायर फीट है। सरकारी क्षेत्र में ऐसी पहली मेडिसिन विंग है, जिसमें मरीजों के लिए 527 बेड के साथ ही सैनिकों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। बिल्डिंग में 232 आधुनिक टॉयलेट हैं, जिनमें इमरजेंसी बेल भी है।

किसी मरीज को अचानक कोई समस्या आए तो वह बेल बजा कर अटेंडेंट बुला सकेंगे। योगा-व्यायाम के लिए 4 हजार स्क्वायर फीट जगह अलग से रखी गई है। पूरी बिल्डिंग को धूम्रपान निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है। गलती से भी किसी व्यक्ति ने बीड़ी या सिगरेट जलाई तो अलार्म बज उठेगा। बिल्डिंग की निगरानी 165 सीसीटीवी कैमरों से होगी। इसके लिए ग्राउंड फ्लोर पर कंट्रोल रूम और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम भी लगाया गया है।

नई मेडिसिन बिल्डिंग में ये सुविधाएं

जनरल वार्ड 9, 3आईसीयू 20 बेड, 1 आइसोलेशन वार्ड 9 बेड, सिंगल बेड कॉटेज 39, डबल एंड थ्री बेड कॉटेज 14, 1 कैदी वार्ड 11 बेड, 1 आर्मी वार्ड 9 बेड, डॉक्टर्स चैंबर 8, पानी विद आरओ 16, 232 टॉयलेट, 91 बाथरूम, लेक्चरर थिएटर 150 चेयर, वेटिंग हॉल 600 चेयर, सीसीटीवी कैमरे 165, ऑक्सीजन प्लांट 1, सभी टॉयलेट में इमरजेंसी बेल, आरओ एंड सॉफ्ट वाटर प्लांट, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर सिस्टम इन हाई क्वालिटी, 7 हजार स्क्वायर फीट कैंटीन, चार लिफ्ट, एक्स रे, ईईजी, ईसीजी, योगा व्यायाम के लिए 4 हजार स्क्वायर फीट एरिया, एयर कूलिंग एंड एयर कंडीशनर सिस्टम, साउंड फ्रूफ खिड़कियां, रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम।

क्रिटिकल केयर ब्लॉक- गंभीर घायलों का इलाज आसान होगा

पीबीएम हॉस्पिटल में क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण तेजी से चल रहा है। नए साल में यह बनकर तैयार हो जाएगा। करीब 52 हजार स्क्वायर फीट में तीन मंजिला भवन 50 बेड का बनेगा। भवन के निर्माण पर 23.75 करोड़ रुपए खर्च होंगे। क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनने से सांस में तकलीफ, सेप्टीसिमिया(संक्रमण), हार्ट फेलियर, ब्रेन स्ट्रोक, हेड इंजरी, चोट और हादसों के दौरान गंभीर मरीजों को राहत मिलेगी। इसके अलावा महामारी के समय भी इसका उपयोग किया जा सकेगा। एक ही छत के नीचे रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर आउटडोर इनडोर, दवा जांच(पैथोलॉजी,रेडियोडाग्नोसिस और बायोकेमिस्ट्री), आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा पोर्टेबल सोनाग्राफी, एक्स-रे और ईसीजी जांच की मशीन भी होगी।



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Administrative boundaries in the state will be frozen from tomorrow till 2027. | राजस्थान में 2027 तक प्रशासनिक सीमाएं आज से फ्रीज: नए जिले, तहसील और गांव बनाने पर रोक; अफसरों और कर्मचारियों के ट्रांसफर पर भी रोक – Jaipur News


राजस्थान में 1 जनवरी से जनगणना के लिए सभी प्रशासनिक यूनिट फ्रीज हो जाएगी। इसके साथ ही नए जिले, उपखंड, तहसील, गांव, वार्ड बनाने और उनकी सीमाओं के बदलाव पर रोक लग जाएगी।

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गांव या शहर के किसी भी वार्ड तक की सीमा में कोई फेरबदल नहीं किया जा सकेगा। 2027 में मई-जून तक जनगणना का काम पूरा होने तक यह रोक रहेगी।

इसके साथ ही नए साल से लाखों अफसरों और कर्मचारियों के ट्रांसफरों पर भी अगले करीब सवा साल तक रोक रहेगी।

जनगणना पूरी होने तक बदलाव नहीं होगा रोक हटने पर गृह मंत्रालय अधिसूचना जारी करेगा। इससे पहले गृह मंत्रालय ने 31 दिसंबर तक नई प्रशासनिक यूनिट बनाने पर जनगणना की रोक हटाई थी। अब नए साल से ​ रोक प्रभावी होने जा रही है। जनगणना के हिसाब से जिले, तहसील, उपखंड, गांव, शहरी निकायों और शहरी वार्डों की सीमाएं तय कर दी हैं, उन सीमाओं को जनगणना पूरी होने तक नहीं बदला जा सकेगा। सभी प्रशासनिक यूनिट जनगणना पूरी होने तक 31 दिसंबर की स्थिति में ही रहेंगी, इसमें अब कोई बदलाव नहीं हो सकेगा।

फोटो- AI सोर्स।

फोटो- AI सोर्स।

जनगणना में लगे कर्मचारियों के ट्रांसफर नहीं हो सकेंगे नए साल से लाखों कर्मचारियों के ट्रांसफरों पर जनगणना पूरी होने तक अगले करीब सवा साल तक रोक लग जाएगी। कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, शहरी निकायों के आयुक्त, जनगणना में प्रगणक लगे शिक्षक, पटवारी, ग्राम सचिव इसके दायरे में आएंगे।

फरवरी में जनगणना से जुड़े अफसर कर्मचारियों की ट्रेनिंग शुरू हो रही है। जनगणना के काम में 2 लाख से अधिक कर्मचारी-अफसरों की ड्यूटी लगेगी। घर-घर जाकर जनगणना करने के काम में करीब 1.60 लाख प्रगणक लगाए जाएंगे। करीब 30 से 40 हजार सुपरवाइजर और अन्य अफसर रहेंगे। जनगणना से जुड़े कर्मचारियों के ट्रांसफर केवल असाधारण परिस्थतियों में ही हो सकेंगे।

दो फेज में होगी जनगणना जनगणना दो फेज में होगी। पहले फेज में 15 मई से 15 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर घरों की लिस्टिंग करेंगें। इससे पहले दो से तीन महीने पूरी तैयारी और ट्रेनिंग का दौर चलेगा। एक प्रगणक 150 घरों तक जाएगा और उनकी लिस्ट तैयार करेगा।

जनगणना की एक्यूरेसी के लिए यह जरूरी जनगणना के लिए प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज करने का पुराना प्रावधान है। जनगणना की एक्यूरेसी के लिए यह जरूरी होता है। जनगणना के लिए सभी गांवों-ढाणियों और बसावटों की लिस्ट फाइनल कर उसे क्रॉस चैक करके फाइनल किया है। इसमें जिले, तहसील, गांवों और बसावटों के हिंदी-अंग्रेजी में नामों की स्पेलिंग तक की जांच की गई है। हर जिले की जनगणना हैंडबुक बनाई गई है।

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जाति नहीं बताने पर मिलेगी सजा, जुर्माना भी वसूलेंगे:लाखों कर्मचारियों के नहीं होंगे ट्रांसफर, काम से मना करने पर होगी जेल

प्रदेश में नए साल से लाखों कर्मचारियों के तबादलों पर अगले करीब सवा साल तक रोक लग जाएगी। 1 जनवरी से जनगणना होगी, जो 2027 तक पूरी होगी। इस बार जातिगत जनगणना भी होगी। (पढ़िए पूरी खबर)



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Rain and fog alert in Rajasthan, weather update. | राजस्थान में बारिश की चेतावनी, जयपुर में सुबह हल्की बरसात: घने कोहरे और शीतलहर का भी अलर्ट, जानें- कैसा होगा साल का पहला सप्ताह – Jaipur News


बुधवार शाम को जालोर में बारिश हुई।

राजस्थान में आज जयपुर और भरतपुर संभाग के 8 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने शीतलहर और घने कोहरे की भी चेतावनी जारी की है। जयपुर के कई इलाकों में सुबह 5 बजे बूंदाबांदी भी हुई।

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इससे पहले बुधवार को वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से 6-8 जिलों में बादल छाए और कई स्थानों पर बारिश हुई। जोधपुर, फलोदी, बाड़मेर, बीकानेर में कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ पानी बरसा।

आसमान में बादल छाने, बारिश होने के कारण कल दिन के अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट हुई। वहीं सीजन की इस पहली मावठ से रबी फसलों को फायदा हुआ।

बुधवार सुबह सीकर के पलसाना इलाके में कोहरा छाया और नेशनल हाईवे पर विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही।

बुधवार सुबह सीकर के पलसाना इलाके में कोहरा छाया और नेशनल हाईवे पर विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही।

पूर्वी राजस्थान में कोहरे का असर इधर पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, अलवर के एरिया में सुबह घना कोहरा रहा, जो दोपहर तक छाया रहा। इस दौरान इन शहरों में भी दिन में धूप कमजोर रही, जिसके चलते यहां सुबह-शाम के अलाव दिन में भी तेज सर्दी रही।

​​​​पारा 25 से नीचे दर्ज, सीजन का सबसे ठंडा दिन

बारिश और बादलों का असर दिन की सर्दी पर दिखा। धूप नहीं रहने और सर्द हवाएं चलने से बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर समेत तमाम शहरों में कल दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। राजधानी जयपुर में कल अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।



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RNT Medical College case | आरएनटी मेडिकल कॉलेज का मामला: 22 साल से एक कैथलैब के भरोसे हार्ट हॉस्पिटल, पहले 2-3 रोगी आते थे, अब 20, इंतजार बना मजबूरी – Udaipur News



आरएनटी मेडिकल कॉलेज का हार्ट हॉस्पिटल पिछले 22 साल से एकमात्र कैथलैब के भरोसे है। जब यहां हार्ट हॉस्पिटल की शुरुआत की गई थी, तब कैथलैब में एक दिन में महज दो से तीन प्रोसीजर होते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर सात गुना यानी 20 तक पहुंच गई है।

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एक प्रोसीजर में 15 मिनट से लेकर 4 घंटे तक का समय लग जाता है। ऐसे में रोज 5 से 7 मरीज वेटिंग में रह जाते हैं, जिन्हें अगले दिन बुलाया जाता है। अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2022-23 में नई कैथलैब की घोषणा तो हुई थी। लेकिन, दो साल बीतने के बावजूद इसका काम शुरू नहीं हो पाया।

हार्ट हॉस्पिटल के विभागाध्यक्ष व सीनियर प्रोफेसर डॉ. मुकेश शर्मा का कहना है कि जयपुर स्तर से कैथलैब का टेंडर तय हो चुका है। मशीनरी भी खरीदी जा रही है। जल्द ही इसकी शुरुआत हो जाएगी। इस काम के लिए डीएमएफटी फंड से बजट जारी किया जाएगा।

रोज 400 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे ओपीडी में वर्ष 2002-03 में यह कैथलैब शुरू हुई थी, उस समय यहां प्रतिदिन ओपीडी 50 की थी और अब 400 की औसतन ओपीडी हो चुकी है। उस समय प्रतिदिन 2 से 3 प्रोसिजर होते थे, जबकि अब प्रोसिजर बढ़कर रोजाना के 20 हो चुके हैं।

नई कैथलैब के लिए टेंडर हो चुके : विभागाध्यक्ष नई कैथलैब के लिए टेंडर किए जा चुके हैं। मशीनों की खरीद के साथ अन्य काम भी जल्द पूरे किए जाएंगे। इसका फायदा मरीजों को मिलेगा। लंबे समय बाद प्रयास रंग लाए हैं। -डॉ. मुकेश शर्मा, विभागाध्यक्ष हार्ट हॉस्पिटल उदयपुर

वाल्व और बच्चों के दिल में छेद के उपचार के लिए भी कैथलैब जरूरी, खर्च 6 करोड़

  • कैथलैब एक विशेष प्रकार की मशीन होती है। इसके माध्यम से मरीज की एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर लगाने, बलूनी यानी वाल्व की बीमारी का उपचार किया जाता है। बच्चों के दिल में छेद का उपचार भी कैथलैब में ही होता है।
  • एमबी हॉस्पिटल को एक और कैथलैब मिल जाए तो कई मरीजों को तीन या चार दिन तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
  • एडवांस टेक्नोलॉजी की कैथलैब की कीमत 5 से 6 करोड़ रुपए है। ये इसलिए बेहतर मानी जाती है, क्योंकि चिकित्सक और मरीज दोनों का एडवांस सॉफ्टवेयर के जरिये रेडिएशन से बचाव होता है।

हार्ट अटैक में अहम

हार्ट अटैक मरीज को गोल्डन आवर में एंजियोप्लास्टी और स्टेंट की जरूरत होती है। कैथलैब होने से इलाज में देरी नहीं होती और जान बच जाती है। एंजियोग्राफी के जरिए नसों में ब्लॉकेज, संकुचन या रुकावट को सही तरह देखा जा सकता है, जो सामान्य जांच से संभव नहीं। हय इजाज मिनिमली इनवेसिव होता है।



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Good news for students | स्टूडेंट्स के लिए खुश खबर: अगले सत्र से स्कूलों में स्टूडेंट्स एग्रीकल्चर अंग्रेजी में पढ़ेंगे – Ajmer News



प्रदेश में एग्रीकल्चर एजुकेशन प्राप्त कर रहे स्टूडेंट्स के लिए खुश खबर है। अगले सत्र से स्कूलों में एग्रीकल्चर की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम में भी हो सकेगी। इसके लिए राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा एग्रीकल्चर की पुस्तकें अंग्रेजी मीडियम में तैयार कर

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अजमेर सहित प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में कक्षा 11 वीं व 12 वीं में वर्तमान में केवल हिंदी माध्यम से ही कृषि विज्ञान की पढ़ाई हो रही है। बोर्ड आंकड़ों के मुताबिक दोनों कक्षाओं में इस समय 1 लाख से अधिक स्टूडेंट्स इस विषय को लेकर अध्ययन कर रहे हैं। दोनों कक्षाओं में सभी पुस्तक हिंदी में ही हैं। इनमें कृषि विज्ञान, कृषि जीव विज्ञान और कृषि रसायन मुख्य पुस्तकें हैं।

महात्मा गांधी स्कूलों के स्टूडेंट्स को होगा फायदा

राजस्थान में अब शिक्षा का सिनेरियो तेजी से बदल रहा है। प्रदेश भर में महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल खुल रहे हैं और स्टूडेंट्स की एक बड़ी संख्या इन स्कूलों में पढ़ने जा रही है। प्रदेश में 2.5 हजार से अधिक महात्मा गांधी स्कूल हो चुके हैं।

इधर, स्टूडेंट्स व उनके अभिभावकों का रुझान भी अब अंग्रेजी मीडियम स्कूलों की ओर बढ़ रहा है। इन स्कूलों में एग्रीकल्चर विषय लेने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कृषि विषय की पाठ्य पुस्तकों का हिंदी में ही होना है। इस बड़ी चुनौती को देखते हुए सरकार ने बोर्ड को एक पत्र भेजा है जिसमें बोर्ड को कृषि विषय की पाठ्य पुस्तकें अंग्रेजी में तैयार कराने के लिए कहा गया है।



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International Vaishya Mahasammelan Women’s Unit Baran celebrated New Year | अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन महिला इकाई बारां ने मनाया नववर्ष – Baran News



बारां| अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन महिला इकाई बारां ने नववर्ष के स्वागत का कार्यक्रम हर्षोल्लास से किया। अध्यक्षता महिला इकाई अध्यक्ष नीतू गुप्ता ने की। अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन महिला इकाई बारां द्वारा आगामी पूरे वर्

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जिला महामंत्री शिल्पा ठाकुरिया ने बताया कि सदस्यों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि संगठन के माध्यम से वर्ष भर सामाजिक सरोकारों को मजबूती देने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सामूहिक रूप से पौष बड़ा का भोग लगाया। अनेक मनोरंजक गेम्स भी खेले गए। इस दौरान अध्यक्ष सुधा मारू, कोषाध्यक्ष मंजु गोयल, नगर अध्यक्ष सुनीला अग्रवाल भी उपस्थित रही।



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2026 Horoscope Predictions: Zodiac-wise Forecast, Uttarakhand Outlook and India’s Future | 12 में से 9 राशियों के लिए शुभ नया साल: 3 को सावधानी की जरूरत, ज्योतिषाचार्य मनोज त्रिपाठी ने की भविष्यवाणी – Haridwar News


जानकारी देते पंडित मनोज त्रिपाठी।

नए साल 2026 की पहली सुबह के साथ ही लोगों के मन में अपने भविष्य को लेकर कई सवाल उठ रहे होंगे। हर कोई यह जानना चाहता होगा कि क्या नया साल राहत, स्थिरता और तरक्की लेकर आएगा? आम आदमी हो या व्यापारी, छात्र हो या नौकरीपेशा हर कोई अपनी राशि के हिसाब से यह स

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ऐसे सभी के सवालों का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर एप ने हरिद्वार के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज त्रिपाठी से विस्तार से बातचीत की। ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर उन्होंने 2026 को लेकर राशियों से लेकर उत्तराखंड और देश के भविष्य तक की तस्वीर सामने रखी है।

2026 में किन राशियों पर कैसा रहेगा असर…

  • मेष: मेष राशि वालों के लिए 2026 खास तौर पर विवाह के योग लेकर आ रहा है। इस साल शादी से जुड़े प्रस्ताव मजबूत होंगे और पारिवारिक जीवन में स्थिरता आएगी। व्यापार के क्षेत्र में भी अच्छे अवसर बनते दिखाई दे रहे हैं। साथ ही सरकारी नौकरी, विशेषकर पुलिस और प्रशासन से जुड़े क्षेत्रों में चयन के योग बन रहे हैं।
  • वृषभ: वृषभ राशि के जातकों के लिए 2026 बहुत ही शुभ रहने वाला है। विवाह के मजबूत योग बन रहे हैं और दांपत्य जीवन में सुख की वृद्धि होगी। व्यापारियों के लिए यह साल लाभदायक रहेगा और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। शिक्षा और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी इस वर्ष सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।
  • मिथुन: मिथुन राशि वालों के लिए 2026 व्यापारिक दृष्टि से काफी अच्छा रहेगा। होटल, रिसॉर्ट और पर्यटन से जुड़े कार्यों में विशेष लाभ के योग बन रहे हैं। प्राइवेट नौकरी करने वालों को पदोन्नति और बेहतर अवसर मिल सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
  • कर्क: कर्क राशि के जातकों के लिए यह वर्ष उन्नति और लाभ का संकेत दे रहा है। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे, खासकर पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े लोगों को फायदा होगा। नौकरीपेशा लोगों को भी तरक्की और बेहतर पद मिलने के योग बन रहे हैं।
  • सिंह: सिंह राशि वालों के लिए 2026 राजनीतिक रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। इस वर्ष उन्हें सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में पहचान मिल सकती है। साथ ही भूमि और संपत्ति से जुड़े मामलों में भी लाभ के योग बन रहे हैं।
  • कन्या: कन्या राशि के जातकों के लिए 2026 कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। इस साल विवाह और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में इन्हें अपने स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
  • तुला: तुला राशि वालों के लिए 2026 सुखद और सकारात्मक रहने वाला है। संतान प्राप्ति के योग बन रहे हैं। जिन लोगों के वैवाहिक जीवन में तनाव चल रहा है, उसमें सुधार होता नजर आएगा और पारिवारिक संतुलन बनेगा।
  • वृश्चिक: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए 2026 सरकारी नौकरी और भूमि-संपत्ति के मजबूत योग लेकर आ रहा है। इस वर्ष स्थायित्व और सुरक्षा से जुड़े लाभ मिलने की संभावना है, जिससे भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ेगा।
  • धनु: धनु राशि वालों के लिए संतान सुख के योग बन रहे हैं। बच्चों से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है। साथ ही जीवन में सकारात्मक बदलाव और संतोष का अनुभव होगा।
  • मकर: मकर राशि वालों को 2026 में स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। खासतौर पर नसों से संबंधित समस्याएं परेशान कर सकती हैं। हालांकि, भूमि और संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ मिलने के संकेत भी इस वर्ष दिखाई दे रहे हैं।
  • कुंभ: कुंभ राशि के जातकों के लिए स्वास्थ्य चिंता का विषय रह सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है। वहीं दूसरी ओर भूमि-संपत्ति का सुख मिल सकता है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा, विदेश यात्रा और धार्मिक यात्राओं के योग भी बन रहे हैं।
  • मीन: मीन राशि वालों के लिए 2026 उच्च शिक्षा और विदेश से जुड़े अवसर लेकर आ सकता है। धार्मिक यात्राओं के योग बन रहे हैं और मानसिक रूप से यह वर्ष उन्हें शांति और संतुलन देने वाला साबित हो सकता है।

उत्तराखंड के लिए 2026 कैसा रहेगा

ज्योतिषाचार्य कहते हैं उत्तराखंड के लिहाज से 2026 का मध्य काल यानी मार्च के बाद से अगस्त-सितंबर तक कुछ हद तक चुनौतीपूर्ण रह सकता है। हालांकि पर्यटन के लिहाज से उत्तराखंड के लिए यह साल बेहतर रहेगा।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार अगर टूरिस्टों की संख्या बढ़ती है तो इससे राज्य की आय में भी वृद्धि होगी।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार अगर टूरिस्टों की संख्या बढ़ती है तो इससे राज्य की आय में भी वृद्धि होगी।

उत्तराखंड में व्यापार और यात्रा का भविष्य

व्यापार को लेकर ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि किसी भी राज्य की व्यवस्था उसके प्रवेश द्वार जैसी होती है। अगर यात्राओं की शुरुआत हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों से होती है, तो उसका सीधा लाभ पूरे प्रदेश के व्यापारियों को मिलता है।

2026 में यात्रा सीजन उत्तराखंड के लिए अनुकूल रहेगा। चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी से होटल, व्यापार और सेवाक्षेत्र में सुधार देखने को मिलेगा। पर्यटकों के स्वागत और व्यवस्थाओं में जितना सुधार होगा, व्यापार भी उतना ही बढ़ता नजर आएगा।

भारत के पक्ष में रहेगा 2026

ज्योतिषाचार्य के अनुसार 2026 में 2025 के अधूरे और रुके हुए कार्य पूरे होते हुए दिखाई देंगे। जहां 2025 में कई स्थानों पर राजनीति का स्तर गिरा हुआ नजर आया, वहीं 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर समस्याओं का समाधान होता दिखेगा। राजनीतिक नेतृत्व संघर्ष बढ़ाने के बजाय समाधान की दिशा में आगे बढ़ेगा।

भारत के लिए यह वर्ष समग्र रूप से शुभ बताया गया है। हालांकि, पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों में मिली-जुली स्थिति रहेगी। नेपाल और भूटान जैसे देशों के साथ संबंध बेहतर होंगे, जबकि पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ तकरार बनी रह सकती है। बावजूद इसके, फैसले भारत के पक्ष में आते दिखाई दे रहे हैं।



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Tribute paid to martyr Rajmal Meena on his death anniversary | शहीद राजमल मीणा की पुण्यतिथि पर शहादत को किया नमन – Baran News



बारां| सेवा भारती बारां की ओर से संचालित जिला अस्पताल परिसर के शहीद राजमल मीणा उद्यान मे तुलसा कोटड़ी निवासी शौर्य चक्र से सम्मानित राजमल मीणा की पुण्यतिथि मनाई गई। सेवा भारती जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल किराड़ ने समारोह में शहीद की पत्नी वीरांगना कमलेश देवी

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मराठा रेजिडेंट के सैनिकों और 22 ग्रेनेडियर के सैनिकों ने कैप्टन कमांडर सहित शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सभी अतिथियों ने पुष्प चक्र व पुष्पांजलि समर्पित कर शहीद राजमल के प्रेरक प्रेरणादायक प्रसंग सुनाए। मुख्य वक्ता रमेश खंगार विभाग शारीरिक प्रमुख ने शहीद राजमल के जीवन परिचय के बारे मे बताया। जिला संघचालक राधेश्याम गर्ग, एडीएम भंवरलाल जनागल, विधायक राधेश्याम बैरवा, ललित मीणा, एएसपी राजेश चौधरी, पीएमओ नरेंद्र मेघवाल, सेवा भारती जिला मंत्री हेमराज सलवाडिया, खंड अध्यक्ष दुर्गाप्रसाद प्रजापति, जिला प्रकल्प प्रमुख महावीर रहे। मंच का संचालन जितेंद्र गौड़ व आजाद ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।



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