Manini wins national team gold in 50m 3P | मानिनी ने जीता 50 मी 3पी में नेशनल टीम गोल्ड – Jaipur News



जयपुर }राजस्थान की मानिनी कौशिक ने नेशनल में एक और गोल्डन निशाना साधा है। उन्होंने भोपाल की एमपी शूटिंग एकेडमी में आयोजित 68वीं नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप की 50 मी 3पी टीम स्पर्धा में गोल्ड जीता। टीम में मानिनी के साथ स्वीटी चौधरी और मोनिका जाखड़ भी थी

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राजस्थान के भावेश शेखावत ने एनएम-35 कैटेगरी की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल इवेंट में नेशनल में ब्रॉन्ज मेडल पर निशाना साधा। यह चैम्पियनशिप नई दिल्ली में आयोजित हुई। अब भावेश फरवरी में होने वाली एशियन चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

भावेश को 25 मी. रैपिड फायर पिस्टल में ब्रॉन्ज



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Judo: Selection trials for Rajasthan junior team begin today in Bhilwara | जूडो : राजस्थान जूनियर टीम के लिए चयन ट्रायल आज से भीलवाड़ा में – Jaipur News


जयपुर | नेशनल जूनियर जूडो चैम्पियनशिप का आयोजन 23 से 26 जनवरी तक कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में होगा। इसके लिए राजस्थान टीम की सलेक्शन ट्रायल 2 और 3 जनवरी को भीलवाड़ा में होगी। 2 जनवरी को पुरुष और 3 जनवरी को महिला वर्ग के सलेक्शन ट्रायल होंगे।

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राजस्थान राज्य जूडो संघ के महासचिव महीपाल ग्रेवाल ने यह जानकारी दी। जिन खिलाड़ियों का जन्म वर्ष 2006 से 2011 के बीच हुआ है वे इस सलेक्शन ट्रायल में हिस्सा ले सकते हैं। जो खिलाड़ी 18 साल से छोटे हैं उनको अपने पेरेंट्स से NOC साथ लानी होगी। पुरुष वर्ग में सलेक्शन ट्रायल 55, 60, 66, 73, 81, 90, 100, +100 किलो वेट कैटेगरी में जबकि महिला वर्ग में 44, 48, 52, 57, 63, 70, 78, +78 किलो वेट कैटेगरी में होंगे।



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Wheat prices rise due to reduced supply, mustard oil falls, groundnut oil rises | सप्लाई घटने से गेहूं में उछाल, सरसों तेल उतरा, मूंगफली तेल में तेजी – Jaipur News


जयपुर| फ्लोर मिलों की मांग के मुकाबले सप्लाई कम होेने से गुरुवार को जयपुर मंडी गेहूं मिल डिलीवरी 70 से 80 रुपए क्विंटल महंगा हो गया। वहीं, कमजोर मांग से सरसों कच्ची घाणी तेल 50 रुपए क्विंटल उतर गया। हालांकि, सरसों मिल डिलीवरी पूर्व स्तर रही। लेकिन का

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इसके विपरीत कोटा सोया रिफाइंड तेल 50 रुपए क्विंटल चढ़ गया। गुजरात से मांग आने से मूंगफली तेल में 50 रुपए क्विंटल की मजबूती रही। उठाव कम होेने से ग्वार मिल डिलीवरी 25 तथा ग्वारगम 50 रुपए क्विंटल टूट गया। सामान्य कारोबार से अनाज, चना व दाल-दलहन व चीनी के भाव स्थिर रहे।

अनाज: गेहूं मिल डिलीवरी 2750-2760, गेहूं दड़ा 2700-2710, मक्का लाल 2000-2200, बाजरा 2200-2400, ज्वार पीली 2800-2900, जौ लूज 2300-2400 रुपए प्रति क्विंटल।

गुड़-चीनी: चीनी 4120-4450, गुड़ 4000-4700 रुपए प्रति क्विंटल टैक्स पेड।

दाल-दलहन: मूंग मिल डिलीवरी 5000-7000, मोठ 4000-4500, चौला 4000-4500, उड़द 5000-6500, चना जयपुर लाइन 5500-5700, मूंग मोगर 8000-10000, मूंग छिलका 8000-9200, उड़द मोगर 9000-10500, अरहर दाल 9000-9500, चना दाल मीडियम 6500-6550, चना दाल बोल्ड 7450-7500 रुपए प्रति क्विंटल।

तेल-तिलहन: सरसों 42 प्रतिशत कंडीशन सरसों मिल डिलीवरी 7150-7155, सरसों कच्ची घाणी तेल 14300, कांडला पोर्ट पाम ऑयल 12500-कांडला पोर्ट सोया रिफाइंड 12500-12550, कोटा सोया रिफाइंड 12750-12800, मूंगफली तेल बीकानेर 15150-15200 रुपए प्रति क्विंटल।

ग्वार व ग्वारगम: ग्वार जयपुर लाइन 6025-6150, ग्वारगम जोधपुर ़11500 रुपए प्रति क्विंटल



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Sports Year Ender 2025 Dainik Bhaskar World Cup Cricket Football Hockey | 12 साल में सबसे बड़ा खेल कैलेंडर: 2026 में क्रिकेट, फुटबॉल और हॉकी सहित 5 वर्ल्ड कप; कॉमनवेल्थ और एशियाड भी


स्पोर्ट्स डेस्क5 मिनट पहले

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मॉडर्न एरा में खेल के इवेंट्स के लिहाज से 2026 सबसे बड़ा साल होने जा रहा है। 2014 के बाद पहली बार एक साल में क्रिकेट, फुटबॉल और हॉकी वर्ल्ड कप होने जा रहे हैं।

इनके अलावा, इस साल विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप, मेंस अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप होने हैं। साथ ही कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स जैसे मल्टी स्पोर्ट, मल्टी नेशन मेगा इवेंट्स भी होंगे। इंटरनेशनल टूर्नामेंट्स के साथ IPL और WPL तो हैं ही।

अभी भी लिस्ट खत्म नहीं हुई है। इसी साल टेनिस के 4 ग्रैंड स्लैम होंगे। 2026 में यह भी तय होगा कि शतरंज के वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को अगली वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप के लिए कौन चुनौती देगा। आगे पढ़िए पूरे साल के अहम खेल इवेंट्स कब और कहां होंगे…

अब 2026 के चुनिंदा मेगा स्पोर्ट्स इवेंट के बारे में जानिए…

साल 2026 के आखिर में क्रिकेट का वनडे एशिया कप आयोजित हो सकता है, हालांकि एशियन क्रिकेट काउंसिल ने अब तक इसका ऐलान नहीं किया है। ——————- नए साल में स्पोर्ट्स से इतर बॉलीवुड में क्या होने वाला है, इससे जुड़ी भास्कर की यह स्टोरी भी पढ़ें… नए साल में होंगे धुरंधर-2, टॉक्सिक जैसे 6 बड़े क्लैश

2026 धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ की रिलीज से शुरू हो रहा है। इस साल ‘धुरंधर-2’, ‘रामायणः पार्ट-1’, ‘स्पाइडर मैनः ब्रांड न्यू डे’ जैसी 41 फिल्में रिलीज हो रही हैं। 2026 में 6 बड़े क्लैश भी होंगे। पढ़ें पूरी खबर…

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Khabar Hatke: Indonesia Bans Pre-Marital Sex; Couple Arrested for Printing Fake Notes | खबर हटके- इंडोनेशिया में शादी से पहले सेक्स पर जेल: घर खर्च के लिए कपल ने ₹100-₹500 के नोट छापे; सुरंग खोदकर बैंक से उड़ाए ₹300 करोड़


इंडोनेशिया में बिना शादी किए कपल के साथ रहने पर अब जेल होगी। वहीं एक दूसरे कपल ने घर के खर्चों के लिए 100 और 500 रुपए के नोट छापने शुरू कर दिए। इधर जर्मनी में चोरों ने सुरंग खोदकर बैंक से ₹300 करोड़ उड़ा दिए।

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तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ…

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Rakesh Bedi Struggle Success Story; Dhurandhar | Jameel Jamali | राकेश बेदी को जान से मारने की धमकियां मिली थीं: ‘धुरंधर’ से बदली इमेज, बोले- ऐसा मौका पहले नहीं मिला, थिएटर ने मुझे रिलिवेंट रखा


4 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र

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‘धुरंधर’ में राकेश बेदी के  किरदार की काफी तारीफ हो रही है। वो  कहते हैं कि उन्हें पहले ऐसा मौका नहीं मिला जिसके वो हकदार थे। - Dainik Bhaskar

‘धुरंधर’ में राकेश बेदी के किरदार की काफी तारीफ हो रही है। वो कहते हैं कि उन्हें पहले ऐसा मौका नहीं मिला जिसके वो हकदार थे।

राकेश बेदी अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘धुरंधर’में पाकिस्तानी राजनेता जमील खान के किरदार में नजर आए हैं। ज्यादातर फिल्मों में कॉमिक किरदार निभा चुके एक्टर को इस फिल्म से एक अलग पहचान मिली है। इस फिल्म से पहले राकेश बेदी की ‘चश्मे बद्दूर’, ‘एक दूजे के लिए’ जैसी कई फिल्में चर्चा में रही हैं।

‘एक दूजे के लिए’ का ऐसा प्रभाव था कि इस फिल्म के लिए राकेश बेदी को जान से मारने की धमकियां मिलने लगी थीं। ना सिर्फ फिल्मों में बल्कि टीवी शो में भी राकेश बेदी ने कई किरदार निभाए हैं। राकेश बेदी कहते हैं कि जब उनका टीवी शो ‘ये जो है जिंदगी’ आया, तब पता चला कि टीवी की ताकत कितनी बड़ी है।

इस शो से उन्हें खूब लोकप्रियता मिली है। बावजूद इसके उनके करियर का एक ऐसा भी दौर था जब उनके पास खाने तक के पैसे नहीं थे और एक रुपए में केले खाकर गुजारा किया। जिंदगी में आए तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद राकेश बेदी आज भी अपनी शर्तों पर काम करते हैं।

आज की सक्सेस स्टोरी में हम जानेंगे राकेश बेदी के जीवन और करियर से जुड़ी कुछ खास और रोचक बातें, उन्हीं की जुबानी..

परीक्षा बीच में छोड़कर ड्रामा रिहर्सल के लिए चला गया

मैं दिल्ली के करोल बाग में पला बढ़ा हूं। मेरे पिता जी चाहते थे कि मैं इंजीनियर बनूं, इसलिए मैंने IIT की तैयारी की। लेकिन एंट्रेंस टेस्ट के दिन पेपर देखते ही मुझे लगा कि यह मेरा फील्ड नहीं है। मैंने परीक्षा बीच में छोड़ दी और ड्रामा रिहर्सल के लिए चला गया।

मेरा मानना है कि जिस गली में नहीं जाना, उसमें कदम न रखें। जो सूट न करे, उसमें समय बर्बाद न करें। जैसे, अगर बीवी के लिए 15-20 हजार की साड़ी खरीदनी हो, तो 21 हजार वाली को न देखें। वही रेंज में बेस्ट लें।

मुझे तीन-चार महीने की पढ़ाई के बाद भी 39 सवालों में सिर्फ 7 सही जवाब आ पाते थे। इसलिए समझ गया कि इंजीनियरिंग मेरा क्षेत्र नहीं है, इसलिए मैंने अभिनय का रास्ता चुना।

45-47 साल से लगातार थिएटर कर रहा हूं

मैं गर्व से कहता हूं कि मैं उन चुनिंदा एक्टर्स में से हूं जिन्होंने 45-47 साल लगातार थिएटर किया। फिल्में-सीरियल्स के बावजूद थिएटर छोड़ा नहीं, क्योंकि ये आपको रेलिवेंट रखता है, आज के जमाने से जोड़े रखता है। थिएटर से ही आप अपनी एनर्जी, आवाज, रिफ्लेक्सेस और टैलेंट का सही आकलन कर पाते हैं। बिना इसके एक्टर कैसे शार्प बने रहेंगे?

मेरा एक नाटक है, जिसका नाम ‘मसाज’ है। उसमें 2 घंटे का मेरा सोलो परफॉर्मेंस होता है, जिसमें मैं 24 किरदार निभाता हूं। यह नाटक पिछले 23 सालों से लगातार चल रहा है। लॉकडाउन के समय को छोड़ दें, तो उसके अलावा मेरा कोई भी महीना ऐसा नहीं गया, जब मैंने मंच पर काम न किया हो।

‘मसाज’ नाटक में राकेश बेदी अलग-अलग 24 किरदार निभाते हैं।

‘मसाज’ नाटक में राकेश बेदी अलग-अलग 24 किरदार निभाते हैं।

पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट में पुरानी सीख बेकार लगने लगी

जब मैं दिल्ली में थिएटर कर रहा था, तो लगा कि डायरेक्ट फिल्म इंडस्ट्री में जाऊंगा तो दो नुकसान होंगे। पहला, मेरा कोई सर्कल नहीं बनेगा। दूसरा, कुछ नया नहीं सीख पाऊंगा। इसलिए पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट (एफटीआईआई) गया। वहां ट्रेनिंग हुई तो पुरानी सीख बेकार लगी, नए सिरे से सब सीखना पड़ा। वहां दोस्त बने, जो इंडस्ट्री में साथ चलते हैं।

शोले के प्रोड्यूसर ने दिया पहला मौका

मेरी एक्टिंग की शुरुआत 1979 की फिल्म ‘एहसास’ से हुई। इस फिल्म को ‘शोले’ के प्रोड्यूसर जीपी सिप्पी ने प्रोड्यूस की थी। दरअसल, यह फिल्म मेरे लिए कैंपस प्लेसमेंट जैसा था। पुणे एफटीआईआई कॉन्वोकेशन के समय जेपी सिप्पी उस इवेंट में बतौर चीफ गेस्ट आए थे।

इवेंट में मैंने ‘लव इन पेरिस वॉर इन कच्छ’ नामक थिएटर प्रोडक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मेरा प्रदर्शन देखने के बाद सिप्पी साहब ने मुझसे कहा कि वह एक फिल्म बना रहे हैं और मैं उनके एक्टर्स में से एक हूं। हालांकि ‘एहसास’ से पहले ‘हमारे तुम्हारे’ रिलीज हुई थी, जिसमें संजीव कुमार के साथ काम करने का मौका मिला था।

फिल्म ‘चश्मे बद्दूर' में राकेश बेदी ने ओमी शर्मा का किरदार निभाया था। सई परांजपे के निर्देशन में बनी यह कल्ट फिल्म मानी जाती है।

फिल्म ‘चश्मे बद्दूर’ में राकेश बेदी ने ओमी शर्मा का किरदार निभाया था। सई परांजपे के निर्देशन में बनी यह कल्ट फिल्म मानी जाती है।

एफटीआईआई की वजह से मिला था ‘चश्मे बद्दूर’ में मौका

मेरे क्लासमेट DOP सुरेंद्र सैनी थे, उसी साल पास आउट हुए। मैंने एफटीआईआई की उनकी शूट की फिल्मों में काम किया। उनकी वजह से मुझे सई परांजपे की फिल्म ‘चश्मे बद्दूर’ में काम करने का मौका मिला था। सई परांजपे को उन्होंने ही मेरा नाम सजेस्ट किया था। अपना रोल पढ़ा तो पागल हो गया। लगा अच्छी स्क्रिप्ट है।

​ उस वक्त नहीं पता था कि 40 साल बाद भी इसकी चर्चा होगी। लेकिन इतना मालूम था कि ये साफ-सुथरी, मजेदार, हिलेरियस फिल्म बनेगी। ये टाइमलेस फिल्मों में से एक है।

'एक दूजे के लिए' 5 जून 1981 को रिलीज हुई थी। उस दौर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक रही, जिसने 10 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया।

‘एक दूजे के लिए’ 5 जून 1981 को रिलीज हुई थी। उस दौर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक रही, जिसने 10 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया।

‘एक दूजे के लिए’ की रिलीज के बाद जान से मारने की धमकियां मिली थीं

मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सक्सेस ‘चश्मे बद्दूर’ फिल्म था। इसके बाद बड़ी सफलता ‘एक दूजे के लिए’ को मिली। इस फिल्म में रति अग्निहोत्री और कमल हासन लीड रोल में थे। मैंने ह्यूमरस विलेन का किरदार निभाया था। इस फिल्म के रिलीज के बाद मुझे जान से मारने की धमकियां मिली थीं। क्योंकि उस फिल्म में हीरो-हीरोइन की मौत, मेरी वजह से हुई थी।

फिल्म में मैं भी लड़की से प्यार करता था और उसी वजह से गलतफहमी पैदा करता हूं। मेरा किरदार निगेटिव था, लेकिन उसमें थोड़ा ह्यूमर भी था। उसी किरदार की वजह से दोनों की मौत होती है। वो दौर ही ऐसा था, जब लोग फिल्मों को लेकर जुनून में आ जाते थे।

‘ये जो है जिंदगी’ से टीवी की ताकत का पता चला

‘एक दूजे के लिए’ का ऐसा असर था। इसके अलावा ‘नसीब अपना अपना’ ऐसी कुछ और मेरे करियर की फिल्में खास रही हैं। लेकिन मुझे सबसे बड़ा बदलाव तब दिखा जब मेरा टीवी शो ‘ये जो है जिंदगी’ आया। तब पता चला कि टीवी की ताकत कितनी जबरदस्त है। दो-चार एपिसोड ही आए थे, लोग दीवाने हो गए। जहां जाता, सड़क पर चलता, लोग पीछे-पीछे आते। फोन तो था नहीं, कैमरा लेकर फोटो खींचते, ऑटोग्राफ मांगते या बातें करते। वो सफलता का असली स्वाद था। पॉपुलैरिटी फिल्मों से भी ज्यादा, एक अलग लेवल की थी।

टीवी शो में 30 दिन काम नहीं कर सकता

‘ये जो है जिंदगी’ के बाद मैंने श्रीमान श्रीमती, यस बॉस, हम सब एक हैं, जाने दो भी पारो जैसे कई चर्चित टीवी शो किए। इसके बाद जब मैंने ‘भाबी जी घर पर हैं’ और ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में छोटे रोल किए तो लोगों ने सवाल किया कि छोटे रोल क्यों? दरअसल, यह मेरी खुद की चॉइस थी। प्रोड्यूसर्स चाहते हैं कि मैं हर एपिसोड में 30 दिन काम करूं, लेकिन मुझे वो सूट नहीं करता।

मुझे थिएटर जारी रखना है, ‘धुरंधर’ जैसी फिल्में करनी हैं, तो समय चाहिए।​ जो लोग पूरे शो करते हैं, वो अच्छा कर रहे हैं। मुझे फर्क नहीं पड़ता। पैसा कमाना आसान है, लेकिन एक्टर के तौर पर खुद को संतुष्ट न कर पाऊं तो क्या फायदा?​ अगर सिर्फ पैसा चाहिए तो दूसरा धंधा कर लूंगा, 10 गुना ज्यादा कमा लूंगा। लेकिन मुझे थिएटर, फिल्में, ट्रैवल,ये सब करने हैं, इसलिए टीवी पर छोटे रोल चुनता हूं।

देवानंद साहब खुद सामने से फोन करते थे

आज समय थोड़ा बदल गया है। उस जमाने की कुछ और ही बात थी। देवानंद साहब दुनिया भर में मशहूर सुपरस्टार थे, लेकिन बहुत ही सीधे-साधे इंसान थे। कलाकारों को खुद फोन करते थे। मैंने दो-तीन फिल्में कीं। उस जमाने में गोल डायल वाले फोन होते थे। फोन की घंटी बजती, मैं उठाता था। समाने से आवाज आती थी। “हेलो राकेश, देव हियर!” कोई बीच में नहीं, सीधा बात। इतने बड़े स्टार और खुद सामने से फोन करके बुलाते थे।

यशराज प्रोडक्शन में कभी काम मांगने नहीं गया

अब चीजें काफी बदल गईं हैं। कास्टिंग डायरेक्टर और एजेंसीज आ गईं हैं। समय के साथ बदलाव जरूरी है, क्योंकि एक रोल के लिए 100-100 लोग आ जाते हैं, तो फिल्ट्रेशन होना चाहिए।​ लेकिन मैंने हमेशा अपनी शर्तों पर जिया। किसी के ऑफिस में काम मांगने कभी नहीं गया। किसी ग्रुप से नहीं जुड़ा कि यशराज में घुस जाऊं और उनकी फिल्में मिलती रहें। ना किसी डायरेक्टर के साथ चिपककर चलता रहा।​

अगर किसी को मेरी जरूरत पड़ेगी, तो खुद आएगा। लेकिन उसके लिए तैयार रहना पड़ता है। इसलिए तैयारी हमेशा जारी रखी। जिनके साथ काम किया, उन्हें फोन कर सकता हूं। जैसे आदित्य धर के साथ फिल्म ‘धुरंधर’ में किया है। इस फिल्म से पहले ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ में आदित्य धर के साथ काम कर चुका हूं, तो उनसे काम मांग सकता हूं, लेकिन जिसे नहीं जानता, उसके पास काम मांगने नहीं जाता।

‘धुरंधर’ में राकेश बेदी ने पाकिस्तानी राजनेता जमील खान का किरदार निभाया है।

‘धुरंधर’ में राकेश बेदी ने पाकिस्तानी राजनेता जमील खान का किरदार निभाया है।

उतार-चढ़ाव तो जिंदगी का हिस्सा है

हर एक्टर की जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते हैं। अमिताभ बच्चन जैसे बड़े स्टार के साथ भी तो ऐसा हुआ था। लंबा समय था जब उन्हें काम नहीं मिल रहा था। ये उतार-चढ़ाव तो जिंदगी का हिस्सा हैं। मेरी भी जिंदगी में काफी उतार-चढ़ाव आए, लेकिन मेरे साथ फर्क ये था कि मेरा थिएटर हमेशा साथ रहा। फिल्में न हों तो मंच पर काम कर लिया। रिहर्सल चलती रहती, दिमाग एक्टिव रहता। मैं लाइन्स याद करता, डिलीवर करता, प्ले करता रहता। काम तो चलता ही रहता था।

केले खाकर रात गुजारी

करियर के शुरुआती दिनों में मेरे पास न काम था, न पैसे। खाने तक के पैसे नहीं थे। बैंक बैलेंस में सिर्फ 1 रुपया बचा था। दो रास्ते थे, रोना या आगे बढ़ना। लेकिन मैंने फैमिली से कभी पैसे नहीं मांगे, सिवाय फिल्म इंस्टीट्यूट की पढ़ाई के। मां को दुख न देने के लिए कुछ न बताया। उस वक्त 1 रुपए में 6 केले मिलते थे। मैंने केले खरीदे, खा लिए और सो गया। सोचा, आज का दिन निकल गया, कल जो होगा देख लेंगे। अगले दिन दोस्त से उधार लिया और आगे बढ़ा।

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पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए…

झोपड़पट्टी में बीता बचपन, पड़ोसी ने टीवी देखने से रोका:विपिन शर्मा ने ठाना एक दिन टीवी पर आऊंगा, ‘तारे जमीन पर’ से पहचान मिली

मैं दिल्ली के एक स्लम इलाके में पला-बढ़ा, जहां न बिजली थी, न टीवी। हम स्ट्रीट लाइट के नीचे बैठकर पढ़ाई करते थे। आसपास के कुछ घरों की हालत हमसे थोड़ी बेहतर थी। वहां बिजली और टीवी भी थी। मैं अक्सर उनके घर जाकर टीवी पर फिल्में देखता था, लेकिन कई बार मुझे आने नहीं देते थे।पूरी खबर पढ़ें….

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International Camel Festival – from 9th: District influencers will cooperate in promotion | अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव- 9 से: प्रचार में जिले के इन्फ्लुएंसर्स करेंगे सहयोग – Bikaner News


कलेक्टर ने जिले के इन्फ्लुएंसर्स के साथ की बैठक

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आगामी 9 से 11 जनवरी तक आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने गुरुवार को जिले के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की। इसमें ऊँट उत्सव को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की गई।

साथ ही कलेक्टर ने जिले के इन्फ़्लुएंसर्स के साथ पोस्टर विमोचन भी किया। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर्यटन को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है। जिले के इन्फ़्लुएंसर्स अपनी रचनात्मकता, वीडियो, रील्स, ब्लॉग एवं पोस्ट्स के माध्यम से ऊँट उत्सव की विशिष्टताओं, लोक संस्कृति, परंपराओं और बीकानेर की पर्यटन संभावनाओं को व्यापक जनमानस तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने इन्फ़्लुएंसर्स से आह्वान किया कि वे ऊँट उत्सव के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प एवं ऐतिहासिक स्थलों को प्रमुखता से प्रचारित करें, जिससे बीकानेर को पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त पहचान मिल सके। बैठक में इन्फ़्लुएंसर्स ने उत्सव के प्रचार में सक्रिय सहयोग का आश्वासन देते हुए सुझाव भी साझा किए।

पीले चावल बांट कर होगी तीन दिवसीय ऊंट उत्सव की शुरुआत

पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने बताया कि ऊंट उत्सव 9 जनवरी से शुरू होगा। उससे पहले 2 जनवरी को जिला मुख्यालय के लोगों को उत्सव में आमंत्रित करने के लिए पीले चावल बांटने का कार्य आवण री मनुहार सुबह 8 बजे लक्ष्मीनाथ जी मंदिर से शुरू होकर शहर के विभिन्न भागों में किया जाएगा। इस दौरान ऊंटों के साथ रोबिले चलते नजर आएंगे।

विदित है कि जिले के सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसर्स इस कार्यक्रम को कवर करेंगे। इस अवसर पर सहायक निदेशक महेश व्यास, जिले के विभिन्न सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसर्स डॉ शैफाली दाधीच, चारू आसोपा, दिनेश गुप्ता, भंवर सिंह भाटी, अशोक पिलानिया, कुलदीप वैष्णव पवन स्वामी समेत पर्यटन विभाग के कार्मिक मौजूद रहे।



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Cancer patients were given tea and upma for breakfast. | कैंसर मरीजों को नाश्ते में चाय-उपमा दिया – Bikaner News


बीकानेर2 मिनट पहले

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बीकानेर| श्रीगुरु अर्जुन दास सत्संग भवन एवं श्री रूद्र हनुमान सेवा समिति की ओर से हर वर्ष की भांति इस बार भी नव वर्ष की शुरुआत सेवा कार्यों से की। संस्था अध्यक्ष गुरु अर्जुन दास ने बताया कि कृष्ण सेवा संस्थान में कैंसर पीड़ित मरीजों एवं परिजनों को ना



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Winter has arrived… Mawth and hail fell in 20 districts, temperature dropped by 7.2o in Bikaner. | अब आई सर्दी…20 जिलों मे मावठ, ओले गिरे, बीकानेर में 7.2o गिरा पारा – Bikaner News


नए साल का आगाज मावठ के साथ हुआ। पहले ही दिन गुरुवार को 20 से अधिक जिलों में मावठ हुई। कहीं बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश से सर्दी बढ़ गई। एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तरी हरियाणा व आसपास के क्षेत्र के ऊपर बने परिसंचरण तंत्र के कारण अधिकांश जिलो

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सबसे अधिक बारिश बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में 26 मिमी दर्ज की गई। बीकानेर के ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात करीब आधा घंटे तक ओलावृष्टि हुई। बीकानेर में गुरुवार को दिन का तापमान 7.2 डिग्री तक लुढ़क गया। पिलानी में अधिकतम तापमान 10.1 डिग्री की गिरावट के साथ 14.9 डिग्री और चूरू में 10.9 डिग्री की गिरावट के साथ 15.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

राजधानी जयपुर में भी दिनभर कोहरा छाए रहने से दिन का तापमान 4.8 डिग्री लुढ़ककर 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया। इस कारण ठिठुरन बढ़ गई।

मुंबई में बारिश, पहाड़ों पर बर्फबारी और दिल्ली में छह साल बाद रिकॉर्डतोड़ ठंड

नई दिल्ली/मुंबई | नया साल 2026 देश के कई हिस्सों में मौसम की मेहमाननवाजी के साथ शुरू हुआ। पंजाब, हरियाणा, गुजरात के कई जिलों में बारिश हुई है। दिल्ली और मुंबई में भी एक दो स्थानों पर बारिश देखी गई। तमिलनाडु के भी कई जिलों में बादल बरसे हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी देखी गई। मुंबई में सुबह कहीं तेज बारिश और कहीं हल्की फुहारें पड़ीं। बारिश की वजह से महानगर का तापमान भी गिरकर 21° डिग्री पर आ गया, जिससे आम तौर पर नमी वाले मौसम में ठंडक आ गई।

कहां-कितनी हुई बारिश

श्रीडूंगरगढ़26

चूरू18.9

पिलानी13.6

बाड़मेर10.8

अजमेर5.6

भीलवाड़ा5.0

जयपुर0.3

(बारिश मिमी में)

4 डिग्री और गिरेगा पारा, शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया

पश्चिमी विक्षोभ के असर से गुरुवार को हुई हल्की बारिश का दौर शुक्रवार को धीमा पड़ जाएगा। अब अगले 2-3 दिन राज्य के अधिकांश भागों में घने से अतिघना कोहरा दर्ज होने की संभावना है। इस दौरान दृश्यता 100 मीटर से भी कहीं-कहीं नीचे दर्ज की जा सकती है। कोहरे के प्रभाव से दिन की अधिकतम तापमान में भी 3-4 डिग्री गिरावट होने की संभावना है। इसके बाद 4 से 6 जनवरी के दौरान शेखावाटी क्षेत्र में कहीं-कहीं न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री दर्ज होने व शीतलहर चलने की संभावना है।

हिमाचल प्रदेश में 124 सालों में छठी सबसे कम बारिश रिकॉर्ड की गई

मनाली में नए साल की पहली बर्फबारी ने रोहतांग पास और सिस्सू को सफेद चादर ओढ़ा दी। हालांकि प्रदेश में दिसंबर 2025 में 0.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 1901 के बाद 124 सालों में छठी सबसे कम बारिश है। गुरुवार को राज्य में औसत 38.1 मिमी के मुकाबले 0.1 मिमी बारिश हुई, जो 99% की कमी है।

1 जनवरी तक यह रही औसत बारिश

कहां सामान्य इतनी हुई % अधिक

पूर्वी राजस्थान 0.9 मिमी 1.0 मिमी 10%

प. राजस्थान 0.4 मिमी 1.5 मिमी 235%

राजस्थान 0.6 मिमी 1.3 मिमी 95%

2026 की शुरुआत में मौसम ने दिखाए अलग रंग



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SP Medical College student Dr. Jalaj becomes Assistant Professor | एसपी मेडिकल कॉलेज के छात्र डॉ. जलज बने असिस्टेंट प्रोफेसर – Bikaner News



बीकानेर | एसपी मेडिकल कॉलेज बीकानेर के छात्र डॉ. जलज मीणा का राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर ऑर्थोपेडिक्स के पद पर चयन हुआ है। इनकी समान्य में 10th तथा एसटी कैटेगरी में फर्स्ट रैंक आई है। डॉ. जलज ने एमबीबीएस (2009-2014) एसपी मेडिकल क

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एफएनबी स्पाइन सर्जरी कोयंबटूर,तमिलनाडु 2021-2023 से की है। फेलोशिप इन एंडोस्कोपी इन स्पाइन सर्जरी साउथ कोरिया 2024 से पढ़ाई की है। वर्तमान में कंसल्टेंट स्पाइन सर्जरी जयपुर के निजी हॉस्पिटल में कार्यरत है। मीणा समाज के अध्यक्ष भगवान सहाय मीणा ने बताया कि डॉ. जलज ने समाज का नाम गौरवान्वित किया है।



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