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भारतवंशी ने गीता पर हाथ रखकर ली सांसदी की शपथ:27 साल की शिवानी लीस्टर ईस्ट से सांसद; लेबर के गढ़ में कंजर्वेटिव्स को जिताया

ब्रिटेन की संसद में बुधवार को भारतीय मूल की सांसद शिवानी राजा ने भगवद गीता पर हाथ रख कर सांसदी की शपथ ली। उन्होंने ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी से लीस्टर ईस्ट सीट से जीत दर्ज की है। शिवानी ने लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल को 4 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। लीस्टर ईस्ट को लेबर पार्टी का गढ़ माना जाता है। शिवानी ने यहां 37 साल बाद कंजर्वेटिव पार्टी को जीत दिलाई है। शपथ लेने के बाद शिवानी ने एक पोस्ट कर बताया कि भगवद गीता के साथ शपथ लेना उनके लिए सम्मान की बात थी। उन्हें इस पर गर्व है। शिवानी ब्रिटेन की सबसे यंग सांसदों में से एक है। वे अभी 27 साल की हैं। शिवानी के माता-पिता 1970 के दशक में गुजरात से लंदन गए थे। वे खुद को हिन्दू मानती है और हिन्दू रीति रिवाज को फॉलो करती हैं। सांसद बनने से पहले कॉस्मेटिक ब्रांड के साथ काम करती थी शिवानी
शिवानी ने ब्रिटेन की डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी से फार्मास्युटिकल और कॉस्मेटिक साइंस से ग्रेजुएशन की। इसके बाद उन्होंने कॉस्मेटिक ब्रांड्स के साथ काम किया। शिवानी जिस जगह (लीस्टर ईस्ट) से सांसद हैं वहां भारतीय और पाकिस्तानी समुदायों के बीच 2022 में एक क्रिकेट मैच के दौरान झड़प हो गई थी। ब्रिटेन में चुनाव जीत रहे भारतवंशी
ब्रिटेन में इस बार भारतीय मूल के 107 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। जिसमें से 29 को जीत मिली थी। इसमें लेबर पार्टी के 19 और कंजरवेटिव पार्टी से 7 थे। इसके अलावा लिबरल डेमोक्रेट्स से ब्रिटिश-भारतीय मूल के 1 सांसद और 2 उम्मीदवारों ने निर्दलीय चुनाव जीता है। इससे पहले 2019 में हुए चुनावों में 15 भारतवंशी को जीत मिली थी और 2017 के चुनाव में 10 जीते थे। ब्रिटेन में 14 साल बाद लेबर पार्टी वापसी
ब्रिटेन में 4 जुलाई को आम चुनाव हुए थे। 5 जुलाई को सामने आए नतीजों में सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी 14 साल बाद लेबर पार्टी से चुनाव हार गई थी। इसके कुछ घंटे बाद भारतवंशी ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। लेबर पार्टी के 61 साल के कीर स्टार्मर देश के 58वें प्रधानमंत्री बन गए थे। पार्टी ने कुल 650 सीटों में से 412 पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद कीर स्टॉर्मर ने अपनी कैबिनेट का गठन किया था। उन्होंने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए रेचल रीव्ज को वित्त मंत्री बनाया। वह इस पद को हासिल करने वाली ब्रिटेन की पहली महिला हैं। रीव्ज 45 साल की हैं। उन्होंने बैंकिंग सेक्टर से अपना करियर शुरू किया था। इसके अलावा एंजेला रेनर को उप-प्रधानमंत्री का पद मिला। स्टॉर्मर की कैबिनेट में एक भारतीय और एक पीओके मूल की सांसद को शामिल किया गया है। स्टॉर्मर ने भारतीय मूल की सांसद लिसा नंदी को संस्कृति, मीडिया और खेल मामलों का विदेश मंत्री बनाया है। 44 वर्षीया लिसा ने उत्तर-पश्चिमी इंग्लैंड की वाइगन सीट से जीत दर्ज की है। ब्रिटेन में 18 लाख भारतवंशी हैं। जो आजादी के बाद तीन लहरों में ब्रिटेन पहुंचे। उनके सफर की कहानी … अंग्रेजों ने मजदूरों की कमी पूरी करने के लिए बुलाए भारतीय
1947 को जब भारत आजाद हुआ तो बंटवारे ने लगभग 2 करोड़ लोगों को बेघर कर दिया। इनमें से करीब 2 लाख भारतीयों ने मिडिल ईस्ट और ब्रिटेन की ओर रुख किया। ये पहली बार था जब बड़ी आबादी ने हिंद महासागर पार कर दूसरे देशों में शरण ली। ये वो दौर था जब यूरोप की अर्थव्यवस्था विश्वयुद्ध के असर से उबर रही थी, वहां मजदूरों की भारी कमी थी। भारतीय प्रवासियों ने वहां मजदूरों के अकाल को खत्म किया। उस वक्त उन्हें आसानी से स्वीकार कर लिया गया। ये सिलसिला लगभग 20 साल तक जारी रहा। पूरी खबर यहां पढ़ें… ये खबर भी पढ़ें… कौन हैं सुनक को हराने वाले कीर स्टार्मर:वेश्यालय की छत पर रहकर पढ़े, वामपंथियों को ठिकाने लगाया, कश्मीर पर भारत के साथ भारतीय मूल के ऋषि सुनक अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे। कभी वेश्यालय की छत पर रहकर पढ़ाई करने वाले लेबर पार्टी के कीर स्टार्मर ने उन्हें चुनाव में करारी शिकस्त दी है। लेबर पार्टी को संसद की 650 में से 411 सीटें मिली हैं…यहां पढ़े पूरी खबर

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