Search for:
  • Home/
  • Uncategorized/
  • 150 वकीलों ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा:कहा- केजरीवाल की जमानत को रोका जाना चिंताजनक, ऐसा मामला अब तक नहीं देखा

150 वकीलों ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा:कहा- केजरीवाल की जमानत को रोका जाना चिंताजनक, ऐसा मामला अब तक नहीं देखा

दिल्ली हाईकोर्ट और जिला कोर्ट्स के 150 वकीलों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ को एक पत्र लिखकर दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत रोके जाने पर चिंता जाहिर की है। वकीलों ने अपने पत्र में इसे ‘अनोखी परंपरा’ बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसा वाकया भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया है। 9 पेज के लेटर में वकीलों ने कहा कि वकीलों ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी थी, लेकिन ED ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी और हाईकोर्ट ने जमानत के आदेश पर रोक लगा दी। यह पत्र चीफ जस्टिस को इस हफ्ते की शुरुआत में भेजा गया था। पत्र लिखने वाले वकीलों में आम आदमी पार्टी की लीगल सेल के कई वकील भी शामिल हैं। वकीलों ने अपने पत्र में क्या लिखा, विस्तार से पढ़िए… 1. जमानत का आदेश अपलोड होने से पहले हाईकोर्ट में सुनवाई हुई: राउज एवेन्यू कोर्ट का जमानत का आदेश अपलोड भी नहीं हुआ था, उसके पहले ही ED ने दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत के खिलाफ याचिका लगा दी और उस पर सुनवाई भी हो गई। इससे सवाल उठता है कि जमानत का आदेश वेबसाइट पर पब्लिश हुए बिना, जस्टिस सुधीर कुमार जैन ने इस आदेश के खिलाफ याचिका लगाने की अनुमति कैसे दी और उससे भी चिंताजनक बात यह है कि जमानत के आदेश पर रोक कैसे लगा दी। ऐसी चीजें भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गई हैं। इससे कानूनी बिरादरी के मन में गहरी चिंता पैदा हुई है। 2. जज वकीलों की तरफ से दाखिल चीजों को रिकॉर्ड नहीं कर रहे: कई वकीलों ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि जज अपने आदेशों में वकीलों की तरफ से दाखिल की गई बातों को रिकॉर्ड नहीं कर रहे हैं। यह बेहद अजीब है और इस परंपरा में सुधार किए जाने की जरूरत है। इसलिए हम आपसे निवेदन करते हैं कि आप आदेश दें कि सुनवाई के दौरान वकील जो बातें या दस्तावेज सब्मिट करते हैं उन्हें सुनवाई पूरी होने से पहले वकीलों के ही सामने रिकॉर्ड किया जाए। 3. जमानत याचिकाओं में सुनवाई के लिए दूर की तारीखें दी जाती हैं: वकीलों ने चिंता जताई कि जमानत की याचिकाओं में सुनवाई के लिए दूर की तारीखें दी जाती हैं और इसमें भी बहुत देर लगती है। खासतौर से ED और CBI से जुड़े मामलों में जज सुनवाई के लिए लंबी अवधि वाली तारीखें देते हैं और जमानत के मामलों के मामलों का तुरंत निपटारा नहीं करते हैं। यह न्याय के सिद्धांतों और संविधान में दी गई आजादी की गारंटी के खिलाफ है। 4. ज्युडिशियरी में जनता का भरोसा बनाए रखने पर: पत्र में यह भी लिखा गया है कि इस देश की जनता बहुत उम्मीद और भरोसे के साथ कोर्ट में याचिका लगाती है। इस भरोसे को बनाए रखना न्यायपालिका और कानूनी बिरादरी का काम है। इस बात को ध्यान में रखते हुए हम अपनी चिंता आपके सामने रख रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इनमें तेजी से सुधार किया जाएगा। ED से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब तक क्या-क्या हुआ, पढ़िए… 25 जून: हाई कोर्ट ने कहा- ट्रायल कोर्ट ने बेल देते समय विवेक का इस्तेमाल नहीं किया
20 जून को राउज एवेन्यू कोर्ट ने शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केजरीवाल को जमानत दी थी। ED इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंची। 25 जून को हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के केजरीवाल को जमानत देने से इनकार कर दिया। हाई कोर्ट के फैसले की खबर पढ़ें… 24 जून: ​​सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही फैसला देना सही
केजरीवाल ने 23 जून को हाई कोर्ट के स्टे के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उनकी याचिका पर सोमवार (24 जून) को सुनवाई हुई। दिल्ली के CM की जमानत पर अंतरिम रोक लगाते हुए आदेश सुरक्षित रखने के हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने ‘असामान्य’ बताया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने अभी फैसला नहीं सुनाया है, इसलिए उसके पहले कोई आदेश देना सही नहीं होगा। अब जब हाई कोर्ट का फैसला आ गया है, तो सुप्रीम कोर्ट केजरीवाल की जमानत मामले पर आज (26 जून) को सुनवाई करेगी। पूरी खबर पढ़ें… 20 जून​​​​​: लोअर कोर्ट ने कहा था- ED के पास केजरीवाल के खिलाफ सीधे सबूत नहीं
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 20 जून को शाम 8 बजे अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी थी। जज न्याय बिंदु की बेंच ने कहा था कि ED के पास अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कोई सीधे सबूत नहीं हैं। वह किसी भी तरह से सबूत हासिल करने के लिए वक्त ले रही है। यही बात अदालत को जांच एजेंसी के खिलाफ फैसला लेने के लिए मजबूर करती है कि वह पक्षपात के बिना काम नहीं कर रही है। कोर्ट ने केजरीवाल को 1 लाख के बेल बॉन्ड पर जमानत दे दी थी। लोअर कोर्ट ​​​​​​के बेल ऑर्डर की ​पूरी खबर पढ़ें… 2 जून: केजरीवाल ने सरेंडर करते वक्त कहा- पता नहीं, कब बाहर आऊंगा
केजरीवाल ने 2 जून को सरेंडर के पहले AAP कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि मैं देश बचाने के लिए जेल जा रहा हूं। मुझे नहीं पता कब वापस आऊंगा। वहां मेरे साथ क्या-क्या होगा, मुझे नहीं पता। सुप्रीम कोर्ट ने मुझे चुनाव प्रचार के लिए 21 दिनों की जमानत दी थी।​​​​​​ पूरी खबर पढ़ें… 10 मई: 39 दिन बाद तिहाड़ जेल से बाहर आए थे अरविंद केजरीवाल
केजरीवाल 10 मई को 39 दिन बाद तिहाड़ जेल से बाहर आए थे। ED ने उन्हें 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। इससे पहले जांच एजेंसी उन्हें 9 समन भेज चुकी थी। हालांकि, केजरीवाल एक बार भी पूछताछ के लिए जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए थे। गिरफ्तारी के बाद शुरुआती 10 दिन केजरीवाल ED की हिरासत में थे। 1 अप्रैल को कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था। पूरी खबर पढ़ें…

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required