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लोकसभा में राहुल के बयान के कई हिस्से हटाए गए:राहुल बोले- मोदी जी की दुनिया में सच्चाई मिटाई जा सकती है, हकीकत में नहीं

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद की छठे दिन (1 जुलाई) की कार्यवाही के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर पहला भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार, अल्पसंख्यकों, NEET विवाद और अग्निपथ योजना जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। अब लोकसभा स्पीकर के आदेश पर राहुल के बयान से इन सभी अंशों को संसद के रिकॉर्ड से हटा दिया गया है। हटाए गए अंशों में हिंदुओं और पीएम नरेंद्र मोदी, BJP, RSS पर किए गए कमेंट्स भी शामिल हैं। मंगलवार को संसद पहुंचने पर जब राहुल गांधी को यह बताया गया तो उन्होंने कहा- मोदी जी की दुनिया में सच्चाई मिटाई जा सकती है, हकीकत में सच को नहीं मिटाया जा सकता। जो मुझे कहना था, मैंने कह दिया। वो सच्चाई है। जितना मिटाना है मिटाएं। सच्चाई, सच्चाई होती है। राहुल ने सरकार को 20 मुद्दों पर घेरा था
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार और भाजपा को 20 से ज्यादा मुद्दों पर घेरा। उन्होंने हिंदू, अग्निवीर, किसान, मणिपुर, NEET, बेरोजगारी, नोटबंदी, GST, MSP, हिंसा, भय, धर्म, अयोध्या, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अडाणी-अंबानी, प्रधानमंत्री और स्पीकर की चर्चा की। 90 मिनट के भाषण की शुरुआत संविधान की कॉपी दिखाकर की। भाषण के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। राहुल ने अग्निवीर, PM मोदी के परमात्मा से डायरेक्ट कनेक्शन और किसानों के MSP कानून की बात कही। इस पर PM 2 बार, शाह-राजनाथ 3-3 बार, शिवराज चौहान, किरेन रिजिजू और भूपेंद्र यादव ने एक-एक बार खड़े होकर टोका। पढ़िए राहुल गांधी के बयान की वे 5 बातें जो लोकसभा के रिकॉर्ड से हटाई गईं… ये खबर भी पढ़ें… संसद की 7वें दिन की कार्यवाही- अखिलेश बोले- होइहि सोइ जो राम रचि राखा संसद सत्र का मंगलवार 2 जुलाई को 7वां दिन की कार्यवाही जारी है। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। सबसे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव बोलने आए। उन्होंने कहा- 15 अगस्त 1947 को देश आजादी मिली थी, 4 जून को सांप्रदायिक राजनीति का अंत हुआ। देश के जागरूक मतदाताओं को धन्यवाद, जिन्होंने लोकतंत्र को एकतंत्र होने से बचाया। पढ़ें पूरी खबर…

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