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दिल्ली-राजस्थान समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट:गुजरात के जूनागढ़ में 30 गांवों का संपर्क कटा; असम में बाढ़ से 11 लाख लोग प्रभावित

मानसून ने तय समय से 6 दिन (2 जुलाई) पहले ही पूरे देश को कवर कर लिया है। देशभर के तकरीबन सभी राज्यों में भारी बारिश हो रही है। गुजरात के जूनागढ़ में भारी बारिश के चलते सड़कें पानी में डूब गई हैं। इसकी वजह से 30 गांवों का संपर्क कट गया है। वहीं असम में बाढ़ की स्थिति लगातार खराब हो रही है। मंगलवार को बाढ़ के चलते तीन और लोगों की जान चली गई। 23 जिलों में बाढ़ प्रभावित लोगों का आंकड़ा बढ़कर 11.3 लाख से ज्यादा हो गया है। सोमवार तक 19 जिलों में 6.44 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित थे। वनथली में सोमवार सुबह से मंगलवार सुबह तक रिकॉर्ड 361 मिमी बारिश हुई। गुजरात के सौराष्ट्र और दक्षिणी क्षेत्र में इस दौरान 200 मिमी से ज्यादा बारिश हुई। NDRF ने बताया कि उन्होंने जूनागढ़ के केशोड़ में बाढ़ में फंसे लोगों के रेस्क्यू के लिए एक टीम भेजी है। IMD ने बुधवार के लिए 17 राज्यों- पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, असम, नगालैंड, त्रिपुरा, मिजोरम में अति भारी बारिश और 9 राज्यों- हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गोवा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। असम में 2,208 गांव पानी में डूबे
असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक फिलहाल राज्य के 2,208 गांव पानी में डूबे हुए हैं और 42,476.18 हेक्टेयर फसल भूमि को नुकसान पहुंचा है। तिनसुकिया जिले के सादिया और डूमडूमा सर्किलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि धेमाजी जिले के जोनाई में एक व्यक्ति डूब गया। सोमवार (1 जुलाई) को तिनसुकिया जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। इसके साथ ही इस साल की बाढ़, भूस्खलन और तूफानों में मरने वालों की कुल संख्या 48 हो गई है। कई जिलों में सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वर्तमान में, ब्रह्मपुत्र नदी निमातीघाट, तेजपुर, गुवाहाटी और धुबरी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को गोलाघाट जिले के बोकाखाट में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। वे स्पीड बोट में बैठकर ऊपरी असम के जलमग्न क्षेत्रों में पहुंचे। सरमा ने काजीरंगा नेशनल पार्क में भी बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की, जो कई साल बाद पानी में डूबा है। देशभर से मौसम की तस्वीरें… 34 दिन में मानसून ने पूरे देश को कवर किया
दक्षिण-पश्चिम मानसून निकोबार में 19 मई को पहुंच गया था। केरल में इस बार दो दिन पहले, यानी 30 मई को मानसून पहुंचा। इसी दिन नॉर्थ-ईस्ट राज्यों को भी कवर कर लिया। फिर 12 से 18 जून तक (6 दिन) मानसून रुका रहा। 6 जून को मानसून ने महाराष्ट्र में एंट्री ली और 11 जून को गुजरात में दाखिल हुआ। मानसून 12 जून तक केरल, कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को पूरी तरह कवर कर चुका था। साथ ही दक्षिण महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्सों, दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, दक्षिणी ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और सभी पश्चिमोत्तर राज्यों में पहुंच गया था। 18 जून तक मानसून महाराष्ट्र के जलगांव, अमरावती, चंद्रपुर, छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा, ओडिशा के मलकानगिरी और आंध्र प्रदेश के विजयनगरम तक पहुंचा था। हालांकि, इसके बाद मानसून रुका रहा। 21 जून को मानसून डिंडौरी के रास्ते मध्य प्रदेश पहुंचा और 23 जून को गुजरात में आगे बढ़ा। राजस्थान में मानसून ने 25 जून को एंट्री ली और मध्य प्रदेश के आधे के ज्यादा क्षेत्र को कवर कर लिया। 25 जून की ही रात मानूसन ललितपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ। 26 जून को मानसून MP और UP में आगे बढ़ा। 27 जून को मानसून उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तरी पंजाब में दाखिल हुआ। 28 जून को मानसून ने दिल्ली और हरियाणा में एंट्री ली। 30 जून तक मानसून ने तकरीबन पूरे देश को कवर कर लिया। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब का कुछ हिस्सा ही बाकी रहा। 2 जुलाई तक मानसून ने इस हिस्से को भी कवर कर लिया। इसके साथ ही 30 मई से 2 जुलाई यानी 34 दिनों में मानसून ने पूरे देश को कवर कर लिया है। आगे कैसा रहेगा मौसम… अब राज्यों के मौसम का हाल पढ़िए… मध्य प्रदेश: जुलाई में 106% तक बारिश,15 इंच औसत बारिश का ट्रेंड; कल से स्ट्रॉन्ग सिस्टम मध्य प्रदेश में जुलाई महीने में सामान्य से 106% बारिश होने का अनुमान है। IMD (भारत मौसम विभाग) ने बताया कि इस महीने प्रदेश में एवरेज 15 इंच बारिश होती है, जो कुल बारिश की 40% है। वहीं, अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना भी है। मंगलवार (2 जुलाई) को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। 3 जुलाई से स्ट्रॉन्ग सिस्टम भी एक्टिव हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान: अगले एक सप्ताह बारिश, आज भी अलर्ट, जुलाई में सामान्य से अधिक बरसात की संभावना राजस्थान में सोमवार (1 जुलाई) को मानसून आगे बढ़ा और हनुमानगढ़, बीकानेर के कुछ हिस्सों में प्रवेश किया। मानसून की एंट्री के साथ ही हनुमानगढ़, गंगानगर के अलावा चूरू, बीकानेर के कुछ एरिया में दोपहर बाद तेज बारिश हुई। अब तक 32 जिलों (पुराने जिलों के अनुसार) में मानसून पहुंच गया है। मौसम विभाग ने राजस्थान में सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान जताया है। पूरी खबर पढ़ें… बिहार: सीवान-नालंदा समेत 8 जिलों में बारिश, पूर्णिया में कनकई नदी में कटाव जारी, अब तक 50% कम बारिश सीवान, गोपालगंज, समस्तीपुर, नालंदा, बेगूसराय, सीतामढ़ी, आरा और जहानाबाद में मंगलवार (2 जुलाई) की सुबह-सुबह बारिश हुई है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 24 जिलों में बारिश को लेकर यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक राजधानी पटना समेत प्रदेश के कई अलग-अलग हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब: 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, लेकिन उमस से लोग परेशान; लुधियाना-राजपुरा पहुंचा मानसून पंजाब में मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। आने वाले 3 दिनों में यह पूरे पंजाब को कवर कर लेगा। मौसम विभाग ने मंगलवार (2 जुलाई) को राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। पिछले कुछ दिनों में लुधियाना और दो दिन पहले अमृतसर में करीब 47 मिमी बारिश हुई। बारिश से पंजाब के शहरों में तापमान सामान्य हो गया है, लेकिन लोग उमस से परेशान हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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