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उत्तर-भारत में 123 साल बाद सबसे गर्म रहा जून:सामान्य से 1.96° ज्यादा रहा औसत तापमान; जुलाई में सामान्य से ज्यादा बारिश का अनुमान

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने सोमवार को वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उत्तर-पश्चिमी भारत यानी जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में इस साल जून में 123 साल बाद सबसे ज्यादा गर्मी पड़ी है। इन राज्यों में जून का औसत तापमान 31.73 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो कि सामान्य से 1.65 डिग्री ज्यादा रहा। यह 1901 (123 साल) के बाद से सबसे ज्यादा है। वहीं महीनेभर का औसत अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री रहा, जो कि सामान्य से 1.96 डिग्री ज्यादा है। औसत न्यूनतम तापमान 25.44 डिग्री रहा, जो कि सामान्य से 1.35 डिग्री ज्यादा है। इसके अलावा IMD ने जुलाई में सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान जताया है। जुलाई में देशभर में 28.04 cm के लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) की 106% से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। मोहापात्रा ने बताया कि 11 जून से 27 जून के बीच 16 दिन तक सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके चलते जून में ओवरऑल सामान्य से 11% कम बारिश हुई थी। वहीं भारी बारिश के चलते पश्चिमी हिमालयाई राज्यों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) और मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की नदियों के बेसिन में बाढ़ आने का खतरा है। हालांकि पूर्वोत्तर राज्यों में सामान्य से कम बारिश की आशंका के चलते कम बाढ़ आने का अनुमान है। IMD ने रविवार को देश के 25 राज्यों में आज और अगले 5 दिन बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। इनमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, झारखंड, दक्षिण और नॉर्थ-ईस्ट के राज्य शामिल हैं। दिल्ली-NCR में पूर्वानुमान क्षमता बढ़ाने के लिए 3 और रडार लगाएगा IMD
महापात्र ने बताया कि दिल्ली-NCR में मौसम पूर्वानुमानों में सुधार करने के लिए अगले दो से तीन साल में तीन और डॉपलर रडार, एक बाढ़ चेतावनी मॉडल, ऑटोमैटिक वेटर स्टेशन और रेन गेज लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 28 जून को दिल्ली में भारी बारिश के कारण स्थिति बिगड़ गई थी, लेकिन यह बादल फटने के कारण नहीं हुआ था। हालांकि यह स्थिति बादल फटने के करीब थी। महापात्र ने कहा कि सफदरजंग ऑब्जर्वेटरी ने 28 जून को सुबह 5 बजे से 6 बजे के बीच 91 मिमी बारिश दर्ज की। लोधी रोड मौसम स्टेशन ने सुबह 5 बजे से 6 बजे के बीच 64 मिमी और सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच 89 मिमी बारिश दर्ज की। IMD के मुताबिक, 20-30 वर्ग किमी क्षेत्र में एक घंटे में 100 मिमी से अधिक बारिश को बादल फटना कहा जाता है। अगस्त-सितंबर में ला-नीना कंडीशन प्रभावी होने का अनुमान
मौसम विभाग ने बताया कि देश में अच्छी मानसूनी बारिश के लिए जरूरी ला-नीना कंडीशन अगस्त-सितंबर में प्रभावी होने की संभावना है। ला-नीना इसमें समुद्र का पानी तेजी से ठंडा होता है। ला नीना से दुनिया भर के मौसम में असर पड़ता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इससे आसमान में बादल छाते हैं और बारिश होती है। भारत में कम और ज्यादा बारिश, ठंडी और गर्मी ला नीना पर ही निर्भर करता है। भारत में ला नीना के वजह से ज्यादा ठंड और बारिश की संभावना होती है। महापात्र ने बताया कि जून में उत्तर-पश्चिम भारत (जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, दिल्ली) में 33% कम बारिश हुई है, मध्य भारत (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) में 14% और पूर्व (बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार) और पूर्वोत्तर भारत (अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम) में 13% कम बारिश हुई है। सिर्फ दक्षिण भारत (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप) में 14% ज्यादा बारिश हुई है। IMD के डेटा के अनुसार, पिछले 25 में से 20 साल में जब जून में बारिश सामान्य से कम (लंबी अवधि के औसत का 92% से कम) रही, तो जुलाई में बारिश सामान्य (LPA 94-106%) या सामान्य से अधिक रही। 25 में से 17 साल में जब जून में बारिश सामान्य से कम रही, मानसूनी बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रही। इस साल हीटवेव पीरियड में 40 हजार से ज्यादा हीटस्ट्रोक के मामले
महापात्र ने बताया कि भारत ने अपने सबसे गर्म और लंबे हीटस्ट्रोक पीरियड में हीटस्ट्रोक के 40,000 से ज्यादा मामले और गर्मी से संबंधित 100 से ज्यादा मौतें दर्ज कीं। भीषण गर्मी के चलते पानी की सप्लाई और बिजली ग्रिड प्रभावित हुई। दिल्ली में गंभीर जल संकट हुआ। IMD के मुताबिक, अप्रैल से जून के दौरान देश के लगभग 40% हिस्से में सामान्य से दोगुने हीटवेव के दिन दर्ज किए। राजस्थान के कुछ हिस्सों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया, जबकि कई स्थानों पर रात का तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में 13 मई के बाद से 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान वाले लगातार 40 दिन दर्ज किए गए, वहीं इस साल दिल्ली में गर्मी से संबंधित लगभग 60 मौतें हुई हैं। IMD ने पहले अनुमान लगाया था कि गर्मी के मौसम में हीटवेव के 4-8 दिनों की बजाय 10 से 20 दिन होंगे। हालांकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और गुजरात सहित पूर्वी, उत्तरी और मध्य भारत के विभिन्न हिस्सों में हीटवेव वाले 20 से 38 दिन दर्ज किए गए। देशभर से मौसम की तस्वीरें… मानसून कहां-कहां पहुंचा
दक्षिण-पश्चिम मानसून निकोबार में 19 मई को पहुंच गया था। केरल में इस बार दो दिन पहले, यानी 30 मई को मानसून पहुंचा। इसी दिन नॉर्थ-ईस्ट राज्यों को भी कवर कर लिया। फिर 12 से 18 जून तक (6 दिन) मानसून रुका रहा। 6 जून को मानसून ने महाराष्ट्र में एंट्री ली और 11 जून को गुजरात में दाखिल हुआ। मानसून 12 जून तक केरल, कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को पूरी तरह कवर कर चुका था। साथ ही दक्षिण महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्सों, दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, दक्षिणी ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और सभी पश्चिमोत्तर राज्यों में पहुंच गया था। 18 जून तक मानसून महाराष्ट्र के जलगांव, अमरावती, चंद्रपुर, छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा, ओडिशा के मलकानगिरी और आंध्र प्रदेश के विजयनगरम तक पहुंचा था। हालांकि, इसके बाद मानसून रुका रहा। 21 जून को मानसून डिंडौरी के रास्ते मध्य प्रदेश पहुंचा और 23 जून को गुजरात में आगे बढ़ा। राजस्थान में मानसून ने 25 जून को एंट्री ली और मध्य प्रदेश के आधे के ज्यादा क्षेत्र को कवर कर लिया। 25 जून की ही रात मानूसन ललितपुर के रास्ते उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ। 26 जून को मानसून MP और UP में आगे बढ़ा। 27 जून को मानसून उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तरी पंजाब में दाखिल हुआ। 28 जून को मानसून ने दिल्ली और हरियाणा में एंट्री ली। 30 जून तक मानसून ने तकरीबन पूरे देश को कवर कर लिया। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब का कुछ हिस्सा ही बाकी है। 3 जुलाई तक यहां भी मानसून पहुंचने का अनुमान है। आगे कैसा रहेगा मौसम… अब राज्यों के मौसम का हाल पढ़िए… राजस्थान: चार जिलों में आज बारिश का रेड अलर्ट, गंगानगर, चूरू, बीकानेर में पारा 40° पार राजस्थान में समय से मानसून की एंट्री के बावजूद जून में बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका है। हालांकि, मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, अलवर, धौलपुर और दौसा में आज भारी बारिश की चेतावनी दी है। उधर, गंगानगर में बारिश नहीं होने से तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया। चूरू, बीकानेर में भी रविवार को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पूरी खबर पढ़ें… मध्य प्रदेश: 2 दिन बाद शुरू होगा तेज बारिश का दौर, 15 जुलाई तक जारी रहेगा देश में पांच साइक्लोनिक ​​​​​सिस्टम और ट्रफ लाइन एक्टिव हैं। इसका असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। 3 जुलाई से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होगा। 15 जुलाई तक प्रदेश में अच्छी बारिश होगी। रविवार को छतरपुर जिले के नौगांव में सबसे ज्यादा 72 मिमी यानी 2.9 इंच पानी गिर गया। वहीं, रीवा में 2.1 इंच बारिश हुई। पूरी खबर पढ़ें… बिहार: 24 जिलों में बारिश का अलर्ट, गोपालगंज के अस्पताल में भरा पानी, शिवहर में बागमती नदी उफान पर बिहार के 24 जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने औरंगाबाद, अरवल, रोहतास, भोजपुर, बक्सर और कैमूर में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान समस्तीपुर में सड़कें डूब गई हैं। गोपालगंज के अस्पताल में पानी भर गया है। साथ ही शिवहर में बागमती नदी उफान पर आ गई है। पूरी खबर पढ़ें… हिमाचल प्रदेश: कमजोर पड़ा मानसून, आज और कल भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट हिमाचल में एंट्री करते ही मानसून कमजोर पड़ गया है। प्रदेश में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बावजूद पिछले तीन दिनों से कुछ ही जगहों पर बारिश हुई है। पिछले एक हफ्ते के दौरान सामान्य से 32% कम और पूरे जून माह में सामान्य से 49% कम बारिश हुई है। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब-चंडीगढ़: हिसार में अफसरों के घर डूबे, रेमल तूफान ने हिमाचल में मानसून रोका हरियाणा में सोमवार को कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। हिसार, फतेहाबाद, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ में रात से ही बारिश जारी है। 18 जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, पंजाब के पटियाला-मोहली समेत 9 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। मानसून हिसार-करनाल और पंजाब के जालंधर-तरनतारन में ठहरा हुआ है। पूरी खबर पढ़ें… झारखंड ​​​​​​: 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 3 जुलाई तक मौसम में कोई बदलाव नहीं मौसम विभाग के मुताबिक, देवघर, दुमका, गोड्डा समेत 13 जिलों में आज भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 3 जुलाई मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है। रांची सहित राज्य के कई हिस्सों में रविवार शाम तेज बारिश हुई। 2 जुलाई को भी गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, लोहरदगा,, लातेहार, रांची, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह,, देवघर, जामताड़ा, गोड्डा, दुमका, साहिबगंज और पाकुड़ में भारी बारिश के आसार हैं। ​पूरी खबर पढ़ें…

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