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शिक्षा मंत्री बोले-NEET-PG एग्जाम डेट्स का ऐलान दो दिन में:एक दिन पहले ही UGC-NET, CSIR-NET, NCET एग्जाम की डेट्स डिक्लेयर हुईं

नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) दो दिन के भीतर NEET-PG यानी एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्ट ग्रेजुएशन की तारीख घोषित कर देगा। यह बात केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चंडीगढ़ में कहीं। इससे ठीक एक दिन पहले NTA UGC-NET, CSIR-NET, NCET की डेट्स डिक्लेयर कर चुका है। दरअसल 23 जून को होने वाली NEET-PG परीक्षा को एक दिन पहले यानी 22 जून को कैंसिल कर दिया गया था। ये फैसला NEET-UG पेपर लीक के बाद लिया गया था। हरियाणा के पंचकुला में मीडिया से चर्चा के दौरान प्रधान ने कहा- NEET मामले पर कांग्रेस चर्चा नहीं चाहती, सिर्फ अराजकता और भ्रम फैलाना चाहती है। सरकार की ओर से मैंने स्पष्ट कहा कि हम किसी भी तरह की चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन कांग्रेस छात्रों के मुद्दे पर बात नहीं करना चाहती। वे चाहते हैं कि मामला चलता रहे। चिराग पासवान ने कहा- सबसे बेहतर निर्णय लिया जाएगा लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मंत्री बनने के बाद अपने पहले बिहार दौरे पर रिपोर्ट्स से बात करते हुए कहा- NEET पेपर लीक मामले में कहा-सभी स्टैकहोल्डर्स के हम संपर्क में हैं। स्टूडेंट्स के लिए जो सबसे बेहतर होगा वही निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा NEET मामले में एजेंसियां जांच कर रहीं हैं और कोर्ट में भी ये मामला है। विपक्ष को राजनीति नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस नेता बोले- गुजरात में एग्जाम सेंटर की सेटिंग में बीजेपी का हाथ
कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने 29 जून को NEET मामले पर दिल्ली में AICC हेडक्वार्टर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में एग्‍जाम सेंटर्स पर सेटिंग हुई है। इसमें भाजपा नेता भी शामिल हैं। गुजरात के जय जलाराम स्कूल ने भाजपा को डोनेशन दिया था। वहीं, कुछ कैंडिडेट्स को जय जलाराम स्‍कूल को अपना एग्जाम सेंटर चुनने के लिए कहा गया था। पेरेंट्स से ब्लैंक चेक और कैश लिया गया। इस स्कूल के कार्यक्रम में स्मृति ईरानी भी शामिल हुईं थीं। CBI ने गुजरात के 4 जिलों में छापेमारी की
NEET पेपर लीक मामले में CBI ने आज शनिवार को गुजरात के 4 जिलों में 7 जगहों पर छापेमारी की। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक आणंद, खेड़ा, अहमदाबाद और गोधरा जिलों में यह छापेमारी जारी है। CBI ने 28 जून को झारखंड के हजारीबाग से ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसान उल हक, वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज और पत्रकार जमालुद्दीन को गिरफ्तार किया है। एजेंसी को संदेह है कि इन्हीं ने NEET और UGC-NET का पेपर लीक किया है। टीम ने तीनों से लंबी पूछताछ की है, अब उन्हें स्पॉट्स पर ले जाकर सबूत पुख्ता किए जाएंगे, इसके बाद तीनों को पटना ले जाया जाएगा। CBI ने अब तक इस केस में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें झारखंड के 3 और बिहार के 2 हैं। ओएसिस स्कूल से ही UGC-NET पेपर लीक का भी शक UGC-NET नेट का पेपर भी ओएसिस स्कूल में हुआ था। जांच एजेंसी ने UGC-NET पेपर लीक के शक में स्कूल के वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज आलम का एक मोबाइल और लैपटॉप जब्त किया है। आलम एग्जाम के सेंटर सुपरिटेंडेंट थे। पेपर को बैंक से पहले स्कूल ले जाया गया
CBI और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 3 मई को NEET के क्वेश्चन पेपर कूरियर एजेंसी ब्लू डार्ट के हजारीबाग नूतन नगर सेंटर से बैंक ले जाने की बजाय पहले ओएसिस स्कूल लाए गए। इसके बाद यहां से बैंक भेजे गए। संदेह है कि क्वेश्चन पेपर का पैकेट स्कूल में ही खोला गया। ओएसिस स्कूल UGC NET एग्जाम का सेंटर भी था। यहां से UGC NET पेपर लीक होने का भी शक है। पढ़ें पूरी खबर… NEET परीक्षा पर स्‍टूडेंट्स ने कीं 2 बड़ी शिकायतें अब तक NEET UG एग्जाम में खास तौर पर दो गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं। देश के 7 हाईकोर्ट में भी याचिकाएं दायर की गई थीं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 20 जून को राजस्थान, बॉम्बे और कलकत्ता हाईकोर्ट में NEET मामले में लगी याचिकाओं को क्लब कर दिया। अब इन सभी मामलों की सुनवाई 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी। देशभर में प्रदर्शन के बाद NTA ने 8 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और 1563 कैंडिडेट्स के लिए 23 जून को रीएग्जाम कंडक्ट किया। NTA की मॉनिटरिंग के लिए हाई लेवल कमेटी बनाई गई। केंद्र सरकार ने पेपर लीक की जांच CBI को सौंप दी है। NEET विवाद से जुड़ी ये अहम खबरें भी पढ़ें… एमपी में पेपर लीक पर 10 साल सजा,1 करोड़ जुर्माना:सभी तरह की गड़​बड़ियां गैर जमानती; ड्राफ्ट तैयार, अध्यादेश से लागू हो सकता है एक्ट मध्य प्रदेश में किसी भी परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए सरकार सख्त कानून लाने जा रही है। इसका अध्यादेश लागू हो सकता है। इसमें परीक्षा केंद्र, सर्विस प्रोवाइडर कंपनी या कोई व्यक्ति जो पेपर लीक या किसी गड़बड़ी में शामिल पाया जाता है तो उसकी सीधे जवाबदेही तय होगी। इसमें एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना और दस साल तक की सजा हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें

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