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आतिशी की तबीयत बिगड़ी, देर रात अस्पताल ले जाया गया:दिल्ली जल संकट को लेकर 4 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं; शुगर लेवल 43 पहुंचा

दिल्ली की जल मंत्री आतिशी की तबीयत सोमवार-मंगलवार (24-25 जून) की देर रात बिगड़ गई। AAP नेताओं ने उन्हें LNJP अस्पताल में भर्ती कराया है। आतिशी दिल्ली जल संकट को लेकर 21 जून से जंगपुरा के भोगल में अनशन पर बैठी थीं। उनकी मांग हरियाणा से 100 mgd पानी भेजे जाने की मांग है। हरियाणा से संधि के तहत 613 mgd पानी भेजना होता है। आतिशी की दावा है कि हरियाणा सरकार केवल 513 mgd पानी ही भेज रहा है। इससे कारण दिल्ली के 28 लाख लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। संजय सिंह बोले- आतिशी का शुगर लेवल 43 तक पहुंचा
AAP सांसद संजय सिंह ने बताया कि आतिशी का शुगर लेवल 43 तक पहुंच गया है। डॉक्टरों ने कहा है कि उनकी हालत बिगड़ गई है। आतिशी को अस्पताल में एडमिट नहीं किया गया तो हालत और बुरी हो सकती है। संजय सिंह ने कहा कि आतिशी ने पिछले 5 दिनों से कुछ भी नहीं खाया है। उनका शुगर लेवल गिर गया है, कीटोन बढ़ रहा है और ब्लड प्रेशर कम हो रहा है। वह अपने लिए नहीं लड़ रही हैं, वह दिल्ली के लोगों के लिए, पानी के लिए लड़ रही हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि रात से उनका ब्लड शुगर लेवल गिर रहा था। जब हमने उनका ब्लड सैंपल लिया तो उनका शुगर लेवल 46 निकला। जब हमने पोर्टेबल मशीन से शुगर लेवल चेक किया तो उनका शुगर लेवल 36 आया। आतिशी ने एडमिट होने से इनकार किया था
सोमवार (24 जून) को दिन में LNJP के डॉक्टरों की टीम ने बताया था कि आतिशी का वजन 4 दिनों में 2KG से ज्यादा घट गया है। उनका कीटोन लेवल भी बढ़ गया है। ​डॉक्टरों की रिपोर्ट में कहा गया मरीज (आतिशी) को अस्पताल में भर्ती होने और खाना खाने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। AAP नेताओं ने कहा कि आतिशी का वजन लगातार कम हो रहा है। 21 जून को भूख हड़ताल पर बैठने से पहले उनका वजन 65.8 KG था, जो भूख हड़ताल के चौथे दिन घटकर 63.6 KG रह गया है। यानी महज 4 दिनों में उनका वजन 2.2 किलोग्राम कम हुआ है। AAP ने कहा कि भूख हड़ताल के पहले दिन की तुलना में चौथे दिन उनका ब्लड शुगर लेवल 28 यूनिट कम हुआ है। इसके साथ ही उनका ब्लड प्रेशर लेवल भी कम हुआ है। डॉक्टरों ने आतिशी के ब्लड शुगर लेवल, ब्लड प्रेशर और वजन में जिस गति से कमी आई है, उसे खतरनाक बताया था। आतिशी बोलीं- मैं तब तक अनशन करूंगी, जब तक हरियाणा पानी नहीं छोड़ता
इस बीच आतिशी ने कहा था कि मेरा ब्लड प्रेशन और शुगर लेवल गिर रहा है। मेरा वजन भी कम हो गया है। कीटोन लेवल बहुत अधिक है, जो लंबे समय में हानिकारक प्रभाव डाल सकता है। चाहे मेरे शरीर को कितना भी कष्ट क्यों न हो, मैं तब तक अनशन जारी रखूंगी, जब तक हरियाणा पानी नहीं छोड़ता। वहीं, 23 जून को AAP नेताओं ने दिल्ली LG वीके सक्सेना से मुलाकात की थी। LG ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आश्वासन दिया है कि वह इस बात पर विचार करेंगे कि उनका राज्य शहर को अतिरिक्त पानी दे सकता है या नहीं। सोमवार (24 जून) को AAP ने पीएम मोदी को लेटर भेजा। इसमें पीएम क दिल्ली की जल समस्या से अवगत कराया और समस्या का समाधान कराने की मांग की है।​​​​​​ सुनीत केजरीवाल ने कहा था- उम्मीद है आतिशी की तपस्या सफल होगी
अनशन बैठने के बाद दिल्ली CM केजरीवाल की पत्नी सुनीता ने कहा था कि हरियाणा सरकार से अपील करने के लिए दिल्ली की मंत्री आतिशी अनिश्चितकालीन समय के लिए सत्याग्रह करने जा रही हैं। वह कुछ भी नहीं खाएंगी, केवल पानी पिएंगी। वह दिल्ली के प्यासे लोगों के लिए ऐसा कर रही हैं। सीएम अरविंद केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली के लोगों की पीड़ा को टीवी पर देखकर उन्हें बहुत दुख होता है। उन्हें उम्मीद है कि आतिशी की तपस्या सफल होगी और लोगों को कुछ राहत मिलेगी। सुनीता बोलीं- केजरीवाल जी का कहना है कि प्यासे को पानी पिलाना तो हमारे कल्चर में है। उन्होंने आगे कहा था कि दिल्ली को पानी पड़ोसी राज्यों से मिलता है। इस हीटवेव में हमने चाहा था कि पड़ोसी राज्य हमें सपोर्ट करेंगे, लेकिन हरियाणा ने ऐसा नहीं किया। हालांकि, दोनों राज्यों में अलग-अलग पार्टियों की सरकार है, लेकिन क्या यह समय राजनीति करने का है। सुप्रीम कोर्ट AAP सरकार को फटकार लगाई थी दिल्ली में जल संकट क्यों हुआ?
दिल्ली में जल संकट के दो कारण हैं- गर्मी और पड़ोसी राज्यों पर निर्भरता। दिल्ली के पास अपना कोई जल स्रोत नहीं है। पानी के लिए यह पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है। दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, इस साल दिल्ली 32.1 करोड़ गैलन प्रतिदिन पानी की कमी से जूझ रही है। दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, राज्य को रोजाना 129 करोड़ गैलन पानी की जरूरत है। हालांकि गर्मियों में केवल 96.9 करोड़ गैलन प्रतिदिन मांग ही पूरी हो पा रही है। यानी दिल्ली की 2.30 करोड़ आबादी को हर दिन 129 करोड़ गैलन पानी चाहिए, लेकिन उसे सिर्फ 96.9 करोड़ गैलन पानी ही मिल रहा है। दिल्ली को पानी यूपी-पंजाब से भी मिलता है
दिल्ली में पानी की जरूरत हरियाणा सरकार यमुना नदी से, उत्तर प्रदेश सरकार गंगा नदी से और पंजाब सरकार भाखरा नांगल बांध के पानी से पूरी करती है। 2023 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली को हर दिन यमुना से 38.9 करोड़ गैलन, गंगा नदी से 25.3 करोड़ गैलन और भाखरा-नांगल (रावी-व्यास नदी) से 22.1 करोड़ गैलन पानी मिलता था। इसके अलावा कुएं, ट्यूबवेल और ग्राउंड वाटर से 9 करोड़ गैलन पानी आता था। यानी दिल्ली को हर दिन 95.3 करोड़ गैलन पानी मिलता था। 2024 के लिए यह आंकड़ा बढ़कर 96.9 करोड़ गैलन हो गया। जेल जाने से पहले केजरीवाल ने भी अपील की थी
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरेंडर करने से पहले पानी की कमी से जूझ रही दिल्ली की जनता के लिए भाजपा से अपील की थी। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा था कि BJP हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अपनी सरकारों से दिल्ली को एक महीने के लिए पानी देने के लिए कहे। यह खबर भी पढ़ें… दिल्ली जल संकट- आतिशी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर, राजघाट में शृद्धांजलि से शुरू किया अनशन हरियाणा से रोज 100 मिलियन गैलन पानी दिए जाने की अपनी मांग को लेकर दिल्ली की जल मंत्री आतिशी आज यानी 21 जून से ​​​​​​भूख हड़ताल कर रही हैं। हड़ताल शुरू करने से पहले उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता, AAP सांसद संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज भी मौजूद थे। पूरी खबर पढ़ें… हिमाचल का दिल्ली को पानी देने से इनकार, एक दिन पहले हामी भरी थी; SC बोला- यमुना जल बंटवारे का मुद्दा जटिल दिल्ली में जल संकट को लेकर गुरुवार (13 जून) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। हिमाचल प्रदेश ने कोर्ट को बताया कि हमारे पास दिल्ली को देने के लिए 136 क्यूसेक पानी नहीं है। जबकि एक दिन पहले (12 जून को) हिमाचल ने कहा था कि हमारी तरफ से पानी छोड़ा गया है। हरियाणा की तरफ से पानी सप्लाई किया जाना बाकी है। पूरी खबर पढ़ें…

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