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राफा में इजराइली सुरक्षाबलों की बमबारी में 42 की मौत:50 जख्मी; 26 मई के बाद दूसरा बड़ा हमला, तब 45 लोग मारे गए थे

इजराइल के सुरक्षाबलों ने शुक्रवार (21 जून) को गाजा के दक्षिणी शहर राफा ​​​​​​के पास अल-मवासी में फिलिस्तीनियों के टेंट कैंप पर बमबारी की। इसमें कम से कम 42 लोग मारे गए हैं। गाजा गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस ने अलजजीरा को ये जानकारी दी। इससे पहले फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था कि इजराइली हमले में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई है और 50 लोग घायल हैं। यह छोटे फिलिस्तीनी क्षेत्र में नया घातक हमला था, जहां इजराइल और हमास के बीच लड़ाई में सैकड़ों हजार लोग भाग गए हैं। राफा में सिविल डिफेंस फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स के प्रवक्ता अहमद रादवान के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने दो जगहों पर बमबारी की जानकारी दी। वहीं, इजराइली सेना ने कहा कि मामले की समीक्षा की जा रही है, लेकिन इस बात का कोई संकेत नहीं है कि इजराइल डिफेंस फोर्स ने हमला किया था। इजराइल ने किसी अन्य हमले या उनके निशाने को लेकर कोई जानकारी भी नहीं दी। इजराइल अक्सर कहता रहा है कि वह हमास के लड़ाकों और ठिकानों को निशाना बनाता है। वह हमलों में आम नागरिकों की मौत को कम करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इजराइल का यह भी कहना है कि आतंकवादी आबादी के बीच रहकर काम करते हैं। इसलिए हमलों में बेगुनाह लोगों की भी जान जाती है। एक महीने के भीतर गाजा में दूसरा बड़ा हमला
21 जून की घटना एक महीने के भीतर गाजा में इजराइल का यह दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले रविवार (26 मई) को इजराइल ने राफा के रिफ्यूजी कैंप पर हवाई हमले किया था। इसमें 45 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा घायल हो गए। मरने वालों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं थीं। CNN की खबर के मुताबिक, गाजा के अधिकारियों और फिलिस्तीन रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने कहा हमला रिफ्यूजी कैंप पर हुआ। अधिकारियों ने बताया कि इजराइली कब्जे वाले इन क्षेत्रों को सेना ने सेफ जोन घोषित किया था, लेकिन जब विस्थापितों को यहां पर रखा गया तो हमला किया गया। वहीं, इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने हमले की पुष्टि की और कहा कि उसने राफा में हमास कंपाउंड पर हमला किया, जिसमें कुछ समय पहले हमास के आतंकवादी काम कर रहे थे। IDF ने यह भी कहा कि हमले के बाद लगी आग के कारण कई नागरिकों को नुकसान पहुंचा है, जिसकी जांच की जा रही है। इससे पहले हमास ने इजराइल मिसाइलें दागीं थीं रविवार (26 मई) को ही हमास की अल-कासिम बिग्रेड ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव में बड़ा मिसाइल हमला किया था। हमास की रक्षा शाखा अल-कासिम बिग्रेड ने कहा था कि इजराइली नरसंहार के जवाब में ये कार्रवाई हुई है। बाद में इजराइली सेना ने भी माना कि राफा से 8 रॉकेट दागे गए थे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इसे जनवरी के बाद से इजराइल पर हमास का पहला बड़ा हमला माना जा रहा है। हमास अल-अक्सा टीवी ने बताया कि रॉकेट हमले गाजा पट्टी से किए थे। रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली सेना ने संभावित हमलों की चेतावनी देते हुए कई शहरों में सायरन बजाया था। गाजा में अब तक 37 हजार लोगों की मौत
इजराइल और हमास के बीच 7 अक्टूबर 2023 से जंग जारी है। ये वही दिन था, जब हमास के आतंकियों ने इजराइल में घुसकर हमले किए थे और इसमें 1200 इजराइली नागरिक मारे गए थे। 234 लोगों को किडनैप किया गया था। इजराइल के जमीनी हमलों और बमबारी में गाजा में अब तक 37,100 से अधिक लोग मारे गए हैं। इजराइल में 42 हजार महिलाओं ने बंदूक के लिए दिया आवेदन इजराइल में 7 अक्टूबर की घटना ने लोगों को इतना डरा दिया है वहां पर बंदूक के लिए लाइसेंस लेने की होड़ मच गई है। न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइल में बंदूक परमिट के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं की संख्या में काफी बढोत्तरी हुई है। सुरक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 7 अक्टूबर को हमास के हमले बाद से इजराइल में 42,000 महिलाओं ने बंदूक के लिए आवेदन दिया। इसमें से 18,000 को मंजूरी दी गई है। गाजा में युद्ध शुरू होने से पहले इजराइल में सिर्फ 6,000 महिलाओं के पास निजी बंदूक थी। इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के पास बंदूक होने की वजह एक नए कानून को माना जा रहा है। दरअसल इजराइल में नेतन्याहू सरकार में सुरक्षा मंत्री का पद इतमार बेन ग्वीर के पास है। उन्होंने हमास हमले के बाद हथियार रखने से जुड़े कानूनों में ढील दी है। सरकार के मुताबिक इजराइल में 15,000 से अधिक महिला नागरिकों के पास अब बंदूक है। इसके अलावा 10,000 महिलाओं ने बंदूक रखने के लिए जरूरी ट्रेनिंग पूरी कर ली है।

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